बसपा से निष्कासित राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप को अपनी बहू की हत्या के मामले में हाईकोर्ट से राहत नहीं मिल सकी है। कोर्ट ने उनके जमानत प्रार्थनापत्र पर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। दूसरी ओर नरेंद्र की बेटियों की ओर से इसी मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगाने की अर्जी भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।
उल्लेखनीय है कि नरेंद्र कश्यप की बहू हिमांशी की गत सात अप्रैल को ससुराल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मामला आत्महत्या का बताया गया मगर मायके वालों की तहरीर पर गाजियाबाद के कविनगर थाने में नरेंद्र कश्यप उनकी पत्नी, बेटे, बेटियों समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने नरेंद्र, उनकी पत्नी और बेटे को इस मामले में जेल भेज दिया है। सेशन कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल किया है। न्यायमूर्ति बच्चू लाल ने प्रार्थनापत्र पर सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। उनकी बेटियों ने मुकदमे में गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग में याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति बीके नारायण और न्यायमूर्ति आरएन कक्कड़ की पीठ ने याचिका खारिज कर दी है।