संजय नगर स्वास्थ्य केंद्र में जांच करते चिकित्सक। संवाद
गाजियाबाद। जिले में आयोजित आरोग्य मेले में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे। 66 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित लगे इन मेलों में कुल 3476 मरीजों ने पंजीकरण कराया। ठंड के मौसम के कारण बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी और गले के संक्रमण से संबंधित मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही। कुल मरीजों में से लगभग 65 प्रतिशत लोग इन्हीं समस्याओं से पीड़ित थे।
नोडल अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि मेले का उद्देश्य आम लोगों को उनके घर के पास ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। रविवार को पहुंचे मरीजों में से 76 की स्थिति गंभीर पाई गई, जिन्हें भर्ती कर उपचार दिया गया। सभी मरीजों को डे केयर सुविधा में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। इसके साथ ही 453 महिलाओं और 589 बच्चों का नियमित टीकाकरण किया गया। 30 लोगों को एंटी रेबीज का टीका भी लगाया गया। नोडल अधिकारी ने बताया कि 498 मरीजों को खून की जांच, अल्ट्रासाउंड, एक्स रे और सीटी स्कैन के लिए उच्च केंद्रों कि लिए रेफर किया गया। गले में दर्द, खराश, सांस की समस्या और पेट दर्द के मामलों में विशेष रूप से चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। सभी पीएचसी पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच भी की।
भर्ती कर किया गया उपचार
मुरादनगर क्षेत्र से आए 58 वर्षीय रामकिशन पिछले तीन दिनों से तेज खांसी और सांस फूलने की समस्या से परेशान थे। आरोग्य मेले में जांच के दौरान उनकी ऑक्सीजन मात्रा कम पाई गई। चिकित्सकों ने उन्हें तुरंत भर्ती कर नेबुलाइजेशन और दवाइयों से उपचार शुरू किया। कुछ घंटों में उनकी हालत में सुधार आया और शाम तक उन्हें जरूरी दवाओं के साथ घर भेज दिया गया। रामकिशन ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से उन्हें काफी राहत मिली।
आठ सौ खर्च करने के बावजूद नहीं मिला बच्चे को आराम
विजयनगर की रहने वाली 32 वर्षीय सीमा अपने चार साल के बच्चे को बुखार और गले में दर्द की शिकायत के कारण मेले में लाई थीं। डॉक्टर ने जांच के बाद बच्चे को वायरल संक्रमण बताया और दवाइयों के साथ देखभाल संबंधी सलाह दी। सीमा का कहना था कि बिना किसी परेशानी के इलाज की सुविधा मिली, उन्होंने बताया कि निजी चिकित्सक से इलाज कराने में 800 रुपये खर्च कर चुकी थीं, लेकिन बच्चे को आराम नहीं मिला था।