वन विभाग के वाइल्ड लाइफ सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सर्वे के आंकडे़ बताते हैं कि गाजियाबाद के शहरी क्षेत्र में दिन बंदरों की संख्या बढ़ रही है। हैरत की बात यह है कि देहात क्षेत्र के मुकाबले शहरी क्षेत्र में बंदरों की संख्या करीब चार गुना ज्यादा है।
डीएफओ बीपी सिंह के अनुसार गाजियाबाद और मोदीनगर रेंज में प्रत्येक दो वर्ष पर जंगली जानवरों का सर्वे किया जाता है। इस बार सर्वे में गाजियाबाद रेंज के शहरी इलाके में कुल बंदरों की संख्या 3658 मिली है, जबकि मोदीनगर में यह संख्या केवल 1683 ही है।
ऐसे में माना जा रहा है कि जंगली रेंज में वृक्ष कम होने की वजह से बंदर खाने की तलाश में शहर की ओर आ रहे हैं। दूसरी ओर लंगूर की संख्या पूरे जनपद में महज 24 ही है। यह संख्या भी गाजियाबाद रेंज की है, मोदीनगर रेंज में एक भी लंगूर नहीं पाया गया।
डीएफओ ने बताया कि इससे पहले यह सर्वे 2013-2014 में किया गया था। उससे तुलना करने पर पता चलता है कि नील गाय की संख्या पिछले सर्वे में 1656 थी, अब इसकी संख्या 2128 हो गई है। इसके अलावा जंगली सूअर की संख्या कम हुई है।
राष्ट्रीय पक्षी की स्थिति चिंताजनक
2014 के सर्वे में राष्ट्रीय पक्षी मोर की स्थिति बेहद चिंताजनक थी। उस समय मोदीनगर में कुल 14 और गाजियाबाद में 16 मोर ही पाए गए थे। वन विभाग के प्रयासों के बाद दो वर्षों में मोर की स्थिति सुधरने के बावजूद चिंताजनक बनी हुई है। इस बार मोर की संख्या बढ़ी है लेकिन नर और मादा में भारी अंतर से परेशानी बनी हुई है। नर मोर की संख्या जहां 92 हैं, वहीं मादा मोर महज 28 ही हैं। परेशानी यह है कि गाजियाबाद रेंज में नर और मादा मोर तो मिले लेकिन इनका एक भी बच्चा नहीं पाया गया है।
वाइल्ड लाइफ सर्वे के मुताबिक गाजियाबाद रेंज में जानवरों की संख्या
पशु नर मादा बच्चे योग
बंदर 1506 1680 472 3658
नीलगाय 450 391 40 881
जंगली सूअर 38 50 18 106
मोर 92 28 --- 120
भेड़िया 02 01 ---- 03
लंगूर 15 06 03 24
मोदीनगर रेंज में पशु-पक्षी की संख्या
पशु नर मादा बच्चे योग
बंदर 802 623 258 1683
नीलगाय 614 428 205 1247
जंगली सूअर 228 205 142 575
लोमड़ी 05 03 --- 08
सियार 12 13 --- 25
जंगली बिल्ली 21 11 02 34
मोर 88 77 27 192
बिज्जू 03 03 02 08
सेही 14 13 09 36
गोह 72 03 --- 75