ब्रिटेन के यूरोपियन यूनियन से अलग होने के जनमत संग्रह के जैसे ही नतीजे आए वैसे ही शेयर बाजार धड़ाम हो गया। शुक्रवार को शेयर बाजार के खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी एकदम से नीचे गिरे।
इस हलचल के बीच आरबीआई गवर्नर के आश्वासन के बाद बाजार थोड़ा संभला। जिससे निवेशकों ने राहत की सांस ली। मार्केट की इस उथलपुथल के कारण गाजियाबाद में निवेशकों का करीब 100 करोड़ का नुकसान हुआ है।
उधर, उद्यमियों का कहना है कि यदि पाउंड के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ तो गाजियाबाद के उद्यमियों को भविष्य में फायदा पहुंचेगा। यूरोपीय संघ से अलग होने के लिए ब्रिटेन में जनमत संग्रह किया गया।
मार्केट में यह खबर आते ही शेयर बाजार एकदम से धड़ाम हो गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मेंबर आलोक गर्ग ने बताया कि ब्रिटेन के साथ भारत का अच्छा व्यापार होता है। शुक्रवार को जो शेयर मार्केट में हलचल मची उससे देश भर में करीब 2 लाख करोड़ का नुकसान हो गया।
गाजियाबाद में यह आंकड़ा करीब 100 करोड़ रुपये का है। शुक्रवार को जब मार्केट खुला तब सेंसेक्स 26367 अंक पर था। दोपहर में यह गिरकर 25911 तक पहुंच गया और बाद में सेंसेक्स 26397 अंकों पर बंद हुआ।
वहीं निफ्टी 8029 पर खुला और 8088 पर बंद हुआ। बीच में निफ्टी 7927 तक पहुंच गया था। इस तरह से मार्केट में 2.5 प्रतिशत की गिरावट रही।
क्या कहते हैं उद्यमी
उद्यमी अनिल गुप्ता व महेश सिंघल का कहना है कि गाजियाबाद से टेक्सटाइल, स्पोर्ट्स गुड्स, मशीनरी पार्ट्स आदि सामान ब्रिटेन जाते हैं। इस सर्वे का फिलहाल कोई असर इस वक्त नहीं पड़ेगा, लेकिन पाउंड के मुकाबले रुपया मजबूत होता है तो यहां के उद्योगों को फायदा पहुंचेगा।