राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को मुस्लिमों से आह्ववान किया कि वे संघ की शाखाओं में आएं। मुस्लिमों को लंबे समय तक बहकाया गया है। संघ के बारे में गलत जानकारी दी गई। वे आएंगे तो सारे भ्रम दूर हो जाएंगे और सच्चाई का पता चलेगा। उन्होंने कहा कि अगर उनके मन में कोई सवाल या शंका है, तो उसे दूर किया जाएगा। संघ मुस्लिमों के साथ संवाद करेगा। उन्होंने दोहराया कि हिंदू हो या मुस्लिम सभी भारतीयों का डीएनए एक है। भारत के विश्व गुरु बनने के लिए मुस्लिमों का साथ आना जरूरी है। मुस्लिम अगर कट्टरपंथियों को समझाएं तो उन्हें भी राष्ट्रहित के लिए तैयार किया जा सकता है।
मेवाड़ इंटर कॉलेज में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की बैठक में भागवत ने कहा कि संघ जाति और धर्म की नहींए सिर्फ राष्ट्र की सोचता है। हमें अखंड भारत के लिए मिशन चलाना है। पाक अधिकृत कश्मीर भारत का ही हिस्सा है। इसे भारत में मिलाने पर काम हो रहा है। गिलगित और बाल्टिस्तान को वापस लेना है। इसके लिए मंच अभियान चलाए। संघ प्रमुख ने सीएए और एनआरसी पर भी अपना मत रखा। कहा कि इससे देश के मुस्लिमों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। राम मंदिर के मुद्दे पर कहा कि सभी लोग इस फैसले से खुश हैं। बैठक में मंच के देश भर से आए 54 पदाधिकारियों ने भाग लिया। इनमें 48 मुस्लिम थे।
तुलसी के पौधे से जोड़ेंगे हिंदू और मुस्लिम को
गाजियाबाद। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संस्थापक एवं मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार ने बैठक में कहा कि आजादी के 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 15 अगस्त 2021 से 15 अगस्त 2022 तक मंच विशेष अभियान चलाएगा। इसके तहत हिंदू और मुस्लिमों के घरों में तुलसी के पौधे लगवाए जाएंगे। मुस्लिमों के घर ये पौधे लगवाने का आह्वान मुस्लिम ही करेंगे। तुलसी को हिंदू पवित्र पौधा मानते हैं। यह मुस्लिमों के लिए भी पवित्र है। अरबी भाषा में इसे रेहान कहा जाता है। इससे जन्नती घास, स्वर्ग का पौधा माना गया है।