दिलशाद गार्डन टू नया बस अड्डा मेट्रो प्रोजेक्ट की फंडिंग में फंसे पेंच का मामला सीएम तक पहुंच गया है। हाल ही में सभी प्राधिकरणों की लखनऊ में बुलाई गई बैठक में जीडीए अधिकारियों ने गाजियाबाद के बड़े प्रोजेक्ट की जानकारी सीएम को दी। साथ में फंडिंग के विवाद का भी जिक्र किया।
माना जा रहा है कि मेट्रो की फंडिंग को लेकर मुख्यमंत्री स्तर से हस्तक्षेप किया जा सकता है।मेट्रो प्रोजेक्ट का बजट शुरू में 1799 करोड़ का था। 2014 के संशोधित डीपीआर में यह बजट 2210 करोड़ का हो गया। इस प्रोजेक्ट में जीडीए को 620 करोड़ रुपया देना था।
इनके अलावा नगर निगम, यूपीएसआईडीसी, आवास विकास परिषद को भी हिस्सेदारी देनी थी। इन विभागों को मिलकर 1484 करोड़ रुपया देना था, लेकिन अभी डीएमआरसी को जीडीए 640 करोड़ रुपये दे चुका है।
वहीं अन्य विभागों में अभी सिर्फ आवास विकास परिषद ने 50 करोड़ रुपये और यूपीएसआईडीसी ने 3 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। नगर निगम की ओर से अभी एक रुपया भी नहीं दिया गया है। वहीं, डीएमआरसी का कहना है कि जीडीए से 1484 करोड़ का करार हुआ है।
ऐसे में यह मामला अब मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी तक पहुंच गया है। जीडीए अधिकारियों ने फंडिंग के इस विवाद की जानकारी सीएम तक पहुंचा दी है।मेट्रो प्रोजेक्ट का करीब 70 फीसदी सिविल वर्क पूरा हो चुका है, लेकिन कुल प्रोजेक्ट का सिर्फ 40 से 45 फीसदी काम ही अभी पूरा हो पाया है।
दिलशाद गार्डन से नए बस अड्डा तक 9.41 की लंबाई में कुल चार सौ पिलर में से लगभग 380 पिलर्स का निर्माण हो चुका है। फिलहाल स्पैन डालने का काम चल रहा है। शहीद नगर, राजबाग के पास कुछ हिस्से में ट्रैक बिछाने का काम भी शुरू हो गया है। यह प्रोजेक्ट निर्धारित समय से लेट हो चुका है।
यह 8 स्टेशन बनेंगे मेट्रो के
शहीद नगर, राजबाग, राजेंद्र नगर, श्याम पार्क, मोहन नगर, अर्थला, राजनगर एक्सटेंशन और नया बस अड्डा