एक ओर जहां रिकॉर्ड तोड़ गर्मी लोगों का जीना मुहाल कर रही है, वहीं अघोषित बिजली कटौती मुसीबत बढ़ा रही है। भीषण गर्मी के चलते दोपहर के समय बाजार भी सुनसान हो जाते हैं। 44 डिग्री पारे में एसी कूलर सब फेल हो रहे हैं।
वेस्ट यूपी हीट वेव की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक हीट वेव चलने के आसार हैं। इसके बाद के दिनों में खुद को धूल भरी आंधी का सामना करने के लिए तैयार रखिए। साथ ही तूफान के साथ बारिश का अनुमान भी लगाया जा रहा है।
मौसम विभाग की मानें तो शनिवार और रविवार को हॉट सिटी का पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। जबकि न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।
शुक्रवार को गाजियाबाद में अधिकतम पारा 44 डिग्री सेल्सियस रहा। तेज धूप और गर्म हवाएं चलने से लोगों को परेशानी हुई। घरों और दफ्तरों में लगे एसी भी फेल साबित हुए।
उधर ऐसी भीषण गर्मी में बिजली ने भी साथ छोड़ दिया है।
सरकारी रिकॉर्ड की मानें तो गाजियाबाद में 20 से 22 घंटे तक बिजली सप्लाई लोगों को मिल रही है, जबकि हकीकत यह है कि शहर के प्रत्येक इलाके में 5 से 7 घंटों की बिजली कटौती लोगों को झेलनी पड़ रही है।
शुक्रवार को नंदग्राम बिजलीघर से कई बार बिजली काटी गई। इससे सिहानी, राजनगर एक्सटेंशन, नंदग्राम, घूकना, सेवानगर के साथ ही मेरठ रोड के कई इलाकों में लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
यही हाल पटे
ल नगर सेकेंड बिजलीघर का रहा। यहां भी 5 से 6 घंटों की कटौती रही। इससे बोंझा, पटेल नगर, शिब्बनपुरा, पटेलमार्ग, मुकुंदनगर, जगदीश नगर के लोगों को टेंशन हुई। लोगों की शिकायत थी कि बिजली हर दस-दस मिनट में आ जा रही थी। इसके साथ ही लोगों ने लो-वोल्टेज की भी शिकायत की।
मांग से कम है सप्लाई
गाजियाबाद में बिजली की सप्लाई फिलहाल मांग से कम है। गाजियाबाद में 1575 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, मगर इसके सापेक्ष फिलहाल 1450 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले इस बार हालात कुछ ठीक हुए हैं। पिछले साल से इस बार 300 मेगावाट की सप्लाई अतिरिक्त मिल रही है।
‘तापमान और लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर और पावर स्टेशन ओवरहीट चल रहे हैं। बार-बार तापमान सामान्य लाने के लिए बीच-बीच में पावर कट देना पड़ रहा है। तापमान सामान्य होते ही सप्लाई शुरू कर दी जाती है।’ - एसबी यादव, एसई महानगर
सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान बीच में ही चली जाती है बिजली
अंधाधुंध बिजली कटौती का असर जिला एमएमजी अस्पताल में भी देखने को मिला। यहां भर्ती मरीजों की शिकायत है कि बिजली दस मिनट के लिए आती है और घंटे भर के लिए गायब हो जाती है।
बिजली कटौती की वजह से इमरजेंसी और ऑपरेशन भी प्रभावित हो रहे हैं। शुक्रवार को भी एमएमजी में दस-दस मिनट के अंतराल पर बिजली कटौती हो रही थी। ऐसे में मरीजों के तीमारदारी में आए लोगों का पूरा दिन हाथ का पंखा झलते हुए ही बीता।
विजयनगर निवासी मरीज नसीम अहमद ने बताया कि शुक्रवार को उनका ऑपरेशन हुआ था। इस दौरान कई बार लाइट गई। ऐसे में काफी परेशानी हुई। बार-बार बिजली कटने के कारण एनेस्थीसिया देने में मुश्किल हो रही थी।
वहीं मालीवाड़ा की रहने वाली जीनत ने बताया कि तीन दिन से अस्पताल में पति भर्ती हैं। दो दिन से लाइट कटौती की वजह से उनकी बेचैनी और बढ़ गई है। सीएमएस डॉ. जेके त्यागी ने बताया कि अस्पताल में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए अलग से फीडर लगा हुआ है, इसके बावजूद अस्पताल में घंटों की बिजली कटौती हो रही है। शुक्रवार को लो वोल्टेज की वजह से एसी और कूलर आदि भी काम नहीं कर रहे थे।
डीएम के आदेश पर भारी स्कूल संचालकों की मनमानी
डीएम के आदेश पर पब्लिक स्कूल संचालकों की मनमानी भारी पड़ी। आदेश के बावजूद शहर के कई पब्लिक स्कूल शुक्रवार को खुले रहे। दूसरी ओर सरकारी स्कूलों ने आदेश मिलते ही स्कूल पहुंचे बच्चों को भी वापस लौटा दिया।
अचानक बढ़ी गर्मी पर डीएम विमल कुमार शर्मा ने शुक्रवार से सभी स्कूल बंद करने के आदेश दिए थे। उनके आदेश का असर यूपी बोर्ड इंटर कालेजों और परिषदीय विद्यालयों तक ही रहा। सीबीएसई और आईसीएसई के कई स्कूलों में डीएम का आदेश बेअसर दिखाई दिया।
कई स्कूलों ने मनमानी करते हुए बदस्तूर स्कूल खोला। कुछ स्कूल प्रशासन ऐसे भी रहे जिन्होंने समय बदल कर औपचारिकता पूरी कर ली है। परिषदीय विद्यालयों और यूपी बोर्ड स्कूल प्रशासन ने आदेश मिलते ही शुक्रवार को स्कूल पहुंचे बच्चों को घर लौटा दिया। हालांकि इन स्कूलों में 21 मई से छुट्टियां पड़ने ही वाली थी।
डीएम विमल कुमार शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को क्रास चेक करने के आदेश दिए गए हैं। यदि कोई भी पब्लिक स्कूल खुलता है तो अभिभावक इसकी शिकायत बीएसए अथवा डीआईओएस से कर सकते हैं। शिकायत पर स्कूल की जांच कराई जाएगी और तत्काल उस पर कार्रवाई होगी।