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मेरठ तिराहे पर फिर लगेगी लालबत्ती, जाम झेलने को रहें तैयार

Sun, 11 Sep 2016 12:57 AM IST
अमर उजाला, ब्यूरो /गाजियाबाद
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रेड लाइट - फोटो : अमर उजाला
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अब फिर मेरठ तिराहे पर जाम का झाम झेलने के लिए तैयार हो जाइए। नवंबर में यहां फिर से लालबत्ती लगा दी जाएगी। दरअसल, नवंबर में एनएच 24 से एनएच-58 को जोड़ने वाली नई लिंक रोड चालू हो जाएगी और इसका ट्रैफिक बगैर सिग्नल मेरठ तिराहा झेल नहीं पाएगा।
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इस तिराहे पर अगर ग्रेड सेपरेटर निर्धारित समय में बनकर तैयार हो जाता तो सिग्नल की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन सेपरेटर पूरा होने में अभी समय लगेगा। जुलाई 2014 में मेरठ तिराहे को सिग्नल फ्री किया गया था। छह करोड़ की लागत से तिराहे पर गोलाकार रोड बनाई गई थी।

यह योजना भी बनाई गई थी कि जब नई लिंक रोड दौडे़गी तब छह करोड़ और खर्च करके तिराहे को रोटरी (गोल चक्कर) की शक्ल दे दी जाएगी जैसा कि दिल्ली में एम्स के पास है। लेकिन निर्माणाधीन ग्रेड सेपरेटर (फ्लाईओवर) ने इस योजना पर पानी फेर दिया।
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इस सेपरेटर को अगर निर्धारित समय दिसंबर 15 तक तैयार कर दिया गया होता तो रोटरी का सपना साकार हो जाता। बता दें कि नया बस अड्डा से मोहन नगर की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को मेरठ तिराहे के ऊपर से गुजार देने के मकसद से ही सेपरेटर का निर्माण शुरू किया गया था।

इस बारे में जीडीए वीसी विजय यादव ने बताया कि अक्तूबर के अंत या नवंबर में नई लिंक रोड और हिंडन पुल के पास निर्माणाधीन अंडरपास दोनों को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। लिंक रोड और टीएचए की तरफ से आने वाला ट्रैफिक जीटी रोड पर उतरेगा।

इस रोड पर पहले से वाहनों का दबाव है, यह और बढ़ जाएगा। इससे निपटने के लिए सिग्नल लगाना जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि लिंक रोड के चालू होते ही मेरठ तिराहे पर रेड लाइट लगा दी जाएगी। बाद में जब ग्रेड सेपरेटर चालू हो जाएगा तब तिराहे को सिग्नल फ्री कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी न मिलने के कारण सेपरेटर के निर्माण में देरी हो रही है। जीडीए एनओसी लेने के लिए प्रयासरत है।

सेपरेटर बनने के बाद तिराहा होगा सिग्नल फ्री
मेरठ तिराहे पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण 2 फरवरी 15 को शुरू हुआ था। तब तत्कालीन वीसी संतोष यादव ने 15 करोड़ की लागत से सेपरेटर के दिसंबर 15 में बनकर तैयार होने का एलान किया था। अब इसका बजट 45 करोड़ पर पहुंच गया है लेकिन यह कब बनकर तैयार होगा, यह तय नहीं है।

साईं उपवन के पास सेपरेटर का निर्माण रुका हुआ है। दरअसल साईं उपवन के 64 वृक्ष काटने के बाद ही सेपरेटर आगे बढ़ सकता है और पर्यावरण मंत्रालय वृक्ष काटने को एनओसी दे नहीं रहा है। अगर शुरुआत में ही एनओसी लेने के बाद इसका निर्माण आरंभ कराया जाता तो फिर से सिग्नल लगाने की नौबत नहीं आती। इस बारे में चीफ इंजीनियर का कहना है कि एनओसी मिलते ही सेपरेटर का शेष निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
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