बुलंदशहर में थाना डिबाई स्थित तुलसी गढ़ी में रहने वाला पुष्पेंद्र दिल्ली में टाइपिंग का काम करता था। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। पुलिस का कहना है कि वह दोपहर 12 बजे अकेले ही ओयो होटल पहुंचा था। वहां स्टाफ के लोगों से सोने के लिए कमरा लेकर अंदर चला गया। कुछ देर बैठने के बाद डेढ़ बजे उसने छोटे भाई आकाश को वीडियो कॉल की। उससे बोला कि अब मुझे मत ढूंढना, मैं हमेशा के लिए जा रहा हूं। इसके बाद उसने पंखे से लटका रस्सी का फंदा भी छोटे भाई को दिखाया। इसे देखकर आकाश के होश उड़ गए।
आकाश ने तुरंत पिता राधेश्याम और अन्य परिजनों को पूरी बात बताई। इस बीच पुष्पेंद्र ने आकाश के फोन पर होटल की लोकेशन भी भेज दी। परिजन वाहनों में दिल्ली से शालीमार गार्डन पहुंचे। वहां देखा कि पुलिस कमरे के बाहर खड़ी थी और अंदर वह पंखे से लटका हुआ था। इस दृश्य को देखकर सभी रोने-बिलखने लगे। अन्य लोगों ने उन्हें समझाया। जांच के दौरान पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट, उसके दो फोन और एक पैन ड्राइव मिली है, जिसमें पुराने फोटो थे। पुलिस के मुताबिक, नोट में पुष्पेंद्र ने आत्महत्या का कारण घर में परेशान करना लिखा है।
दिल्ली में मामा के पास रहता था पुष्पेंद्र
जांच में आया कि पुष्पेंद्र काफी समय से दिल्ली ताहिरपुर थाना जीटीबी एंकलेव में मामा लाल सिंह के मकान में रहता था। कुछ दिन पहले मामा के घर में कोई घटना हो गई थी। पिता और अन्य परिजन गुरुवार को बुलंदशहर से दिल्ली आए हुए थे। पुलिस का मानना है कि आत्महत्या के पीछे घरेलू विवाद हो सकता है। फिलहाल मामले में अभी शिकायत नहीं मिली है।
एसीपी शालीमार गार्डन सूर्यबली मौर्य का कहना है कि शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। युवक का नोट और अन्य सामान सीज कर दिया है। शिकायत आने पर जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।