गाजियाबाद। जिले में कांवड़ यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए चार कंट्रोल रूम भी तैयार कर लिए गए हैं। जिलाधिकारी ने मंगलवार को बैठक आयोजित कर 30 जून तक गड्ढामुक्त करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कांवड़ मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था करने और झाड़ियों के कटान के भी आदेश दिए हैं।
विकास भवन के दुर्गादेवी सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कांवड़ यात्रा की पहली बैठक की। बैठक में एडीएम प्रशासन ने जानकारी दी कि मुरादनगर से जिले में कांवड़ मार्ग मुरादनगर से टीला मोड़ पाइपलाइन मार्ग 25 किलोमीटर और कादराबाद बार्डर से गाजियाबाद दिल्ली बार्डर- 42.5 किलोमीटर है। इसके अलावा कांवड़ यात्रा सहायक मार्ग दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस- वे-53 किलोमीटर और एनएच- 9 रोड 28 किलोमीटर है।
जिलाधिकारी ने पूरे कांवड़ मार्ग को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन मार्गों पर 30 जून तक गड्ढामुक्त करने से लेकर झाड़ियों के कटान, प्रकाश व्यवस्था और अन्य कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। एडीएम प्रशासन ने बताया कि जिले में दूधेश्वरनाथ मंदिर, मुरादनगर गंगनहर घाट, दिल्ली गेट स्थित देवी मंदिर और सुराना का शिव मंदिर प्रमुख हैं। इनकी सुरक्षा के लिए चार कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मोदीनगर में राजचोपला में, मुरादनगर गंगनहर के पास, मेरठ तिराहा टीला मोड़ और जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम तैयार हैं।
सड़क मरम्मत के कार्य के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने बताया कि इनका कार्य 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। नगरीय निकाय और पंचायतों ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 2307 और ग्रामीण क्षेत्र में 6331 प्रकाश बिंदू हैं। इन मार्गों पर स्थानीय जन सहयोग और पुलिस विभाग ने 180 सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। 50 शौचालय हैं। स्वच्छ पेयजल के लिए 150 टैंकर की व्यवस्था रहेगी और चिकित्सा सुविधा के लिए 30 एंबुलेंस सहित 250 चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और 20 चिकित्सा शिविर, 180 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके लिए जनपद में 50 वॉच टावर और लगभग 165 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे।
खाद्य-पदार्थों की दुकानों पर रेट लिस्ट की जांच के लिए पांच टीमें गठित की गईं हैं। इसके अलावा आबकारी विभाग एवं खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मांस- मदिरा की दुकानों को बंद कराया जाएगा। सुरक्षा के लिए विद्युत पोलों पर पांच फुट की ऊंचाई तक प्लास्टिक लपेटा जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं सुचारु हैं या नहीं इसके लिए सभी अधिकारी बीच-बीच में निरीक्षण करेंगे और मॉक ड्रिल भी कराएंगे। आरटीओ और पुलिस विभाग वाहन चालकों की जांच करेगी कि वह नशे में वाहन का तो नहीं चल रहे हैं और जो नियमों का उल्लंघन करता पाया गया उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में दूधेश्वरनाथ मंदिर के महंत नारायण गिरी, दिल्ली गेट देवी मंदिर के महंत सहित ट्रेनी आईएएस अयान जैन सहित सभी संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
शिविरों की सफाई के लिए तैनात होंगे स्वच्छता मित्र
शिविर में परोसे जाने वाले खाद्य सामग्री की नियमित जांच के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की 14 टीम गठित की गई हैं। इसके अलावा यहां चिकित्सा शिविर भी लगेंगे, जिसमें 360 एंटी वेनम डोज के वॉयल, टिटनेस के इंजेक्शन, मरहम पट्टी, बैंडेज, दर्द निवारक दवाएं रखने के निर्देश हैं। हर कांवड़ शिविर में डस्टबिन की व्यवस्था रहेगी। शिविर की समुचित सफाई व्यवस्था और सफाई के लिए स्वच्छता मित्रों की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा प्लास्टिक मुक्त के लिए इको फ्रेंडली कप ग्लास रखने के निर्देश दिए गए हैं।
24 सेक्टर मजिस्ट्रेट होंगे तैनात
कांवड़ यात्रा के लिए 11 जोनल मजिस्ट्रेट और 24 सैक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति, शहरी क्षेत्र में नगर निकाय और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायतों, जिला पंचायत जनरेटर की व्यवस्था करेंगे। इसके अलावा एडीआरएफ की टीम, गंगनहर पुल पर सात गोताखोरों सहित दो नाव और जाल की व्यवस्था करने के निर्देश है। हरिद्वार के लिए 200 अतिरिक्त बसों का संचालन आठ फायर टेंडर की व्यवस्था की जाएगी।