नगर निगम ने शायद जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा लुटाने की ठान ली है। कभी ज्यादा रकम पर डस्टबिन खरीदे गए तो कभी सफाई वाहन। अब निगम का एक और मामला सामने आया है।
नगर निगम ने करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च कर साइट-4 और बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में ट्रकों के लिए दो पार्किंग बना दिए लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। हालत यह है कि एक पार्किंग स्थल को कूड़े से पाट दिया गया है।
नगर निगम ने करीब सात साल पहले अवस्थापना फंड से दोनों पार्किंग स्थल पर तकरीबन साढ़े पांच करोड़ रुपया खर्च किया था। भारी भरकम ट्रकों को खड़े करने के लिए आरसीसी का फर्श तैयार किया गया था।
नगर निगम बोर्ड ने इन पार्किंग स्थलों का ठेका छोड़ने का प्रस्ताव पास किया था ताकि निगम की ओर से खर्च की गई रकम की रिकवरी हो सके। बावजूद इसके न ठेका छोड़ा गया और न ही इनका रखरखाव किया गया।
पार्किंग स्थल अस्थाई डंपिंग ग्राउंड में तब्दील
नगर निगम ने इन पार्किंग स्थलों में से एक बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र का पार्किंग स्थल अस्थाई डंपिंग ग्राउंड में तब्दील कर दिया। प्रताप विहार डंपिंग ग्राउंड भर जाने पर निगम की गाड़ियों ने इस पार्किंग स्थल पर कूड़ा डालना शुरू कर दिया था।
इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के विरोध के बाद कूड़ा डालना तो बंद कर दिया गया लेकिन इनकी सफाई नहीं कराई गई। अब बीते दिनों हुई नगर निगम की बजट बैठक में इन दोनों पार्किंग स्थलों का मुद्दा गूंजा। निगम की आमदनी बढ़ाने के लिए यहां पार्किंग ठेके छोड़ने का संकल्प लिया गया।
कार्यकारिणी समिति की बैठक में पार्किंग स्थलों पर ठेके छोड़ने का प्रकरण आया था। दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में बने पार्किंग स्थलों का निरीक्षण कराया जा रहा है। इनका उपयोग पार्किंग स्थल के लिए किया जाएगा। - अब्दुल समद, नगरायुक्त