हाईकोर्ट की सख्ती के बाद से इस बार स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपना लिया है। डेंगू मलेरिया की रोकथाम के लिए अब कड़ाई करते हुए यह फैसला लिया गया है कि संस्थानों और घरों में अगर डेंगू का लार्वा मिला तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और जुर्माना वसूला जाएगा।
इसके साथ ही प्राइवेट अस्पतालों और लैब को भी नोटिफिकेशन अनिवार्य कर दिया है।पिछले साल डेंगू- चिकनगुनिय होने वाली मौतों पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने इससे निपटने संबंधी निर्देश भी दिए थे। शीर्ष न्यायपालिका सुप्रीम कोर्ट ने भी नाराजगी जताई थी।
इसी सख्ती का नतीजा है कि अब स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इस बार सख्ती करते हुए यह आदेश दिया है कि जिन घरों और कार्यालयों में डेंगू का लार्वा पाया जाएगा उनपर मुकदमा दर्ज होगा इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा। जुर्माने की राशि अभी तय नहीं हुई है लेकिन यह 200 से लेकर पांच सौ तक भी हो सकती है।
गौरतलब है कि अधिकतर घरों और कार्यालयों के कूलर और एसी डक्ट में डेंगू का लार्वा पाया जाता है। इस मामले में डीएमओ जीके मिश्रा ने बताया कि है इस बार लार्वा मिलने पर मालिक और संस्थान के प्रमुख के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
निजी डॉक्टर को भी देना होगा मरीजों का रिकार्डसंक्रामक रोगों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे के अंदर देनी होती है। यह निर्देश हर साल दिए जाते हैं लेकिन इसका कड़ाई से पालन नहीं होता है।
लेकिन इस बार कड़ाई से इसका पालन किया जाएगा और सभी प्राइवेट अस्पतालों और पैथलैब को दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे कि डेंगू के मरीज आने के 24 घंटे के अंदर स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजी जाए और मरीज का सैंपल भी भेजा जाए।
सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने बताया कि डेंगू एक नोटिफाइड रोग है इसकी सूचना 24 घंटे के अंदर उपलब्ध होनी चाहिए। इसको लेकर आईएमए को पत्र लिखा जाएगा कि वह सभी प्राइवेट अस्पतालों और चिकित्सकों को रिपोर्ट अनिवार्य रूप से देने के लिए निर्देशित करे। सूचना न देने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।