गाजियाबाद के लोनी में बुजुर्ग की पिटाई के बाद उसकी दाढ़ी काटने के भड़काऊ वीडियो वायरल होने के मामले में गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर को नोटिस भेजा है। नोटिस में जिम्मेदार अधिकारी को विवेचना में शामिल होने के निर्देश दिया गया है। यह नोटिस साइबर सेल के जरिए भेजा गया है।
ट्विटर पर आरोप है कि भड़काऊ वीडियो पर उसने संज्ञान नहीं लिया और वह ट्रेंड हो गई। इसके अलावा पुलिस केस में नामजद किए गए अन्य आरोपियों का पता तस्दीक कर रही है। इसके बाद विवेचना में शामिल करने के लिए पुलिस उन्हें भी नोटिस भेजेगी।
बुजुर्ग तांत्रिक का भड़काऊ वीडियो ट्रेंड होने के बाद लोनी बॉर्डर पुलिस ने जुबैर अहमद, राना अय्यूब, सलमान निजामी, मशकूर उस्मानी, डॉ. समा मोहम्मद, सबा नकवी, ट्विटर आईएनसी व ट्विटर कम्यूनिकेशन इंडिया प्राइवेट के खिलाफ केस दर्ज किया था।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि ट्विटर द्वारा भड़काऊ वीडियो रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। कुछ लोगों ने उसका दुरुपयोग करते हुए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। वीडियो ट्रेंड होने से लोगों की धार्मिक भावना आहत हुईं। एसपी ग्रामीण का कहना है कि भारत में ट्विटर का हेडक्वार्टर गुरुग्राम में है। उसके पते पर ट्विटर को नोटिस में भेजकर जिम्मेदार अधिकारी को विवेचना में शामिल होने की हिदायत दी गई है।
साढ़े 9 घंटे तक वीडियो को आगे बढ़ाते रहे आरोपी
दर्ज एफआईआर के मुताबिक, केस में नामजद किए गए सभी आरोपी सोमवार दोपहर साढ़े 12 बजे से रात करीब 10 बजे तक तक भड़काऊ वीडियो पर टिप्पणी कर ट्विटर पर उसे आगे बढ़ाते रहे। दोपहर 12.33 बजे मोहम्मद जुबैर, शाम 6.18 पर डॉ. समा मोहम्मद, 6.30 बजे सबा नकवी, 6.37 बजे मशकूर उस्मानी, 8.23 बजे राना अय्यूब, 9.56 बजे सलमान निजामी और 7.15 बजे एक वेब पोर्टल ने वीडियो को ट्वीट किया।
किसी भी आरोपी का पता पुलिस के पास नहीं
ट्विटर के अलावा नामजद किए गए किसी भी आरोपी का पता पुलिस के पास नहीं है। एसपी ग्रामीण का कहना है कि सभी आरोपियों के पते तस्दीक कराए जा रहे हैं। पते की जानकारी लगने के बाद उन्हें नोटिस भेजकर विवेचना में शामिल होने के लिए कहा जाएगा। माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया की हो रही स्क्रीनिंग
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो वायरल या उसे शेयर करने वालों को पहचान के लिए सोशल मीडिया की स्क्रीनिंग की जा रही है। जो भी भड़काऊ वीडियो को वायरल करेंगे, उनकी पहचान कर मुकदमे में शामिल किया जाएगा।