गाजियाबाद। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पड़ी बर्फ का असर गाजियाबाद तक देखने को मिल रहा है। यहां सर्दी का सितम तेजी से बढ़ गया है। रविवार को न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह इस सीजन का सबसे ठंडा दिन था। दिन में धूप निकली, लेकिन तेज गति से चली बर्फीली हवाओं की वजह से इसका असर नहीं दिखा। रात में पाला पड़ रहा है। इससे गलन बढ़ गई है।
धूप की वजह से दिन में पारे ने छलांग लगाई और 21 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। शाम होते ही फिर से पारे ने गोता लगा दिया। दिन और रात के तापमान में 18 डिग्री का अंतर आ चुका है। इसी वजह से रात में सर्दी का अहसास ज्यादा हो रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि तेजी से गिरता पारा सेहत के लिए भी नुकसानदायक है।
मौसम विज्ञानी डाॅ. यूपी शाही ने बताया कि बर्फीली हवाएं चलने की वजह से आने वाले दिनों में भी कड़ाके की सर्दी से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इस सप्ताह पारा तीन से सात डिग्री ही रहेगा। अधिकतम तापमान एक से दो डिग्री ऊपर नीचे होता रहेगा। रात में पाला पड़ता रहेगा। इससे गलन का अहसास होगा। गंगनहर के आसपास के गांवों में पाले का प्रकोप अधिक नजर आ रहा है। सुबह फसलों पर बर्फ की परत बिछी नजर आती है।
तापमान का पूर्वानुमान
तारीख अधिकतम न्यूनतम
16 दिसंबर 21/03
17 दिसंबर-22/06
18 दिसंबर, -22/04
19 दिसंबर, -22/06
20 दिसंबर, 22/07
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तीन दिन में छह डिग्री लुढ़का पारा
14 दिसंबर शनिवार-22/05
13 दिसंबर शुक्रवार-22/06
12 दिसंबर बृहस्पतिवार-21/08
11 दिसंबर बुधवार-21/05
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गेहूं के लिए वरदान है पाला
गाजियाबाद। जैसे जैसे तापमान में गिरावट आ रही है,वैसे वैसे इन दिनों की फसलों को ताकत मिल रही है। किसानों की मानें तो गेहूं की फसल के लिए पाला वरदान है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. डीके सचान ने बताया कि इस वक्त गेहूं की फसल इस वक्त उपजकर तैयार हो चुकी है। अगले एक माह तक मौसम ऐसे ही बना रहा और पाला पड़ा तो गेहूं का उत्पादन बेहतर होगा। पाला गेहूं के लिए एक उर्वरक का काम करता है। संवाद
पारा गिरने से बढ़े हार्ट अटैक के मामले
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। सर्दी बढ़ने के बाद हार्ट अटैक के मामले भी बढ़ गए हैं। एमएमजी अस्पताल में भर्ती की सुविधा नहीं होने से चार से पांच मरीजों को रोजाना हायर सेंटर के लिए रेफर किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में 20 फीसदी केस सर्दी और 20 फीसदी हार्ट अटैक के मरीज प्रदूषण के कारण बढ़े हैं।
गाजियाबाद कार्डियोलॉजी एसोसिएशन के अध्यक्ष व वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आसित खन्ना का कहना है कि जिले में कार्डियोलॉजिस्ट के पास प्रति सप्ताह हार्ट अटैक (हृदयाघात) के 100 से 150 और हार्ट फेलियर (हृदय फेल) के 200 से 250 मामले आ रहे हैं।
डॉ. आसित का कहना है कि ठंड में हृदय रोगियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। सर्दी और बढ़े हुए प्रदूषण से शरीर में कई घातक बदलाव हो रहे हैं। इस कारण अचानक ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) बढ़ने से नसों में खून का थक्का जम रहा है। इसकी वजह से हार्ट अटैक (हृदयाघात) और ब्रेन अटैक (मस्तिष्काघात) के मामले बढ़े हैं। सर्दी के महीनों में हृदय रोग और स्ट्रोक से संबंधित मौतें भी बढ़ी हैं।
सर्दी सिकुड़ जाती हैं नसें
एमएमजी अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कात्याल का कहना है कि सर्दी में हृदय की नसें सिकुड़ जाती है और रक्त का घनत्व बढ़ जाता है। इससे रक्तचाप बढ़ने का रिस्क रहता है, जो हृदयाघात का कारण बन रहा है। इसके अलावा इस मौसम में लोग गर्मियों की तुलना में ज्यादा खाते हैं। शारीरिक सक्रियता कम रहती है। इससे मेटाबॉलिज्म भी ठीक नहीं रहता है और गलत खानपान से मधुमेह का स्तर और वजन बढ़ जाता है। इन परेशानियों से हार्ट अटैक बढ़ जाता है।
इनको है अधिक खतरा
हार्ट अटैक का रिस्क उन लोगों में अधिक रहता है जो बुजुर्ग हैं, जिनकी पहले से हृदय से संबंधित बीमारी है, धूम्रपान अधिक करते हैं। किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग रहा हो। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों और छोटे बच्चों को को भी खतरा रहता है, क्योंकि छोटे बच्चे अपने शरीर के तापमान को संतुलित नहीं कर पाते हैं।
सीने में दर्द इसका मुख्य लक्षण :
दर्द सीने के बीच से जबड़ों, गर्दन और बायीं तरफ हाथ में फैलता महसूस होता है।
सांस लेने में दिक्कत या फिर बहुत तेज-तेज सांस लेना बीमारी का संकेत है।
सांस छोड़ने के दौरान सिर में हल्का भारीपन या फिर चक्कर आने जैसा महसूस होना।
बेहोश या बेसुध होना या दिल की धड़कन बहुत तेज महसूस होना।
अचानक दिल की धड़कन रुक जाना, जिससे मौत हो सकती है।
कभी कभार छाती में भारीपन और छाती पर दबाव भी महसूस होता है।
हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें :
जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाएं।
डिब्बाबंद सब्जियों और जूस के इस्तेमाल से बचें।
जंक और फ्राइड फूड्स को अपनी डाइट से दूर करें।
कम मसाले वाले सामान्य भोजन की आदतों को अपनाएं।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए फैट फ्री दूध और दही खाएं।
एक स्वस्थ व्यक्ति को कम से कम 30 मिनट का वॉक जरूरी है।
खाने में ज्यादा नमक का इस्तेमाल करने से बचें, सेंधा नमक प्रयोग करें।
खाने की थाली में आधे हिस्से में फलों और सब्जी व आधे में साबुत अनाज लें।
वॉक करते समय शुरू में गति को धीमा रखें और धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ाएं।
डेढ़ घंटे देरी से आई मथुरा गाजियाबाद ईएमयू
शीतलहर में मुश्किल से गुजर रहा यात्रियों का समय
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। रविवार को मथुरा गाजियाबाद ईएमयू अपने निर्धारित समय से डेढ़ घंटे देरी से गाजियाबाद पहुंची। इसका यहां पहुंचने का समय सुबह 10 बजे है लेकिन यह ट्रेन यहां साढ़े 11 बजे पहुंची। ट्रेन में सवार यात्रियों के जरूरी काम प्रभावित हुए।
सुबह को पलवल गाजियाबाद एक घंटे 10 मिनट, दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस 25 मिनट, नई दिल्ली सुपरफास्ट 50 मिनट, आला हजरत एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, स्वर्ण मंदिर मेल 40 मिनट, स्वतंत्रता सेनानी एक घंटे, कलिंगा उत्कल एक घंटे 50 मिनट, आला हजरत 50 मिनट, लोकनायक 43 मिनट, शालीमार 20 मिनट देरी से गाजियाबाद पहुंची। जबकि, शाम को आला हजरत एक्सप्रेस 55 मिनट, कलिंगा उत्कल ढाई घंटे, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस दो घंटे 10 मिनट, बांद्रा टर्मिनल एक्सप्रेस एक घंटे 10 मिनट देरी से चली। एक्सप्रेस के अलावा लोकल ट्रेनों के रद्द रहने से दैनिक यात्री सबसे ज्यादा परेशान हुए। शीतलहर में जहां ट्रेन में समय मुश्किल से गुजरा। वहीं जो लोग स्टेशन पर इनका इंतजार करते रहे, उनको भी भारी दिक्कत हुई। इस बारे में नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर ने बताया कि सुबह के वक्त कई क्षेत्रों में कोहरे की वजह से लोकल ट्रेनों के समय में सुधार नहीं आ पा रहा है।