गाजियाबाद में राजनगर के सेक्टर-13 में बीते मंगलवार देर रात सीसीटीवी में देखे गए तेंदुए का बृहस्पतिवार को भी कुछ पता नहीं लगा। न वह दिखाई दिया न ही पैरों के निशान मिले। वन विभाग की टीम के तलाशी अभियान को 36 घंटे से अधिक बीते चुके हैं। वन विभाग की टीम दो टीम राजनगर सेक्टर-13 व उससे सटे ब्लॉक, इंग्राहम इंस्टीट्यूट, एएलटी सेंटर, कमला नेहरूनगर और रईसपुर गांव तक तेंदुए की तलाश में गश्त लगाती रहीं। क्षेत्र में लगातार दूसरे साल तेंदुए के देखे जाने और उसके वन विभाग की पकड़ से बाहर होने से लोगों में डर है। लोगों ने बृहस्पतिवार को सुबह और शाम टहलने और बच्चों व बुजुर्गों को बाहर नहीं जाने दिया।
इंग्राहम इंस्टीट्यूट के सीसीटीवी खंगाले, समूह में निकले लोग
तेंदुए की तलाश में जुटी वन विभाग की टीमों ने इंग्राहम इंस्टीट्यूट में जाकर कैंपस में हरियाली की ओर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की बात कही। दूसरी ओर राजनगर सेक्टर-13 में विभिन्न लोगों के सीसीटीवी और लोगों से बातचीत कर और जानकारी जुटाई। टीम को तेंदुए के पैरों के कोई निशान नहीं मिलने से जांच में दिक्कत पेश आई।
एएलटी में लगाया जाएगा पिंजरा, ड्रोन से निगरानी की तैयारी
वन विभाग की टीम तेंदुए के एएलटी सेंटर के अंदर बने जंगलों की ओर जाने की ओर इशारा करते दिखाई दिए। इसी के मद्देनजर शुक्रवार को एएलटी सेंटर में पिंजरा लगाया जाएगा। दूसरी ओर लोगों में खौफ होने के चलते ड्रोन से निगरानी को टीम बुलाने पर भी विचार किया जा रहा है।
बगैर उपकरण और केवल डंडे के सहारे चल रहा तलाशी अभियान
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम की जांच बगैर किसी आधुनिक उपकरण के केवल डंडे के सहारे चल रही है। टीम में शामिल वन दारोगा व वन निरीक्षक केवल लोगों से पूछताछ और क्षेत्र में मोटरबाइक से गश्त लगाते दिखाई दिए। तेंदुआ देखे जाने के दो दिन बीतने के बावजूद अभी तक पिंजरा नहीं लगाया जा सका है। साथ ही आसपास के जनपदों की टीमों को भी अभियान का हिस्सा नहीं बनाया गया है।
गंभीरता से हो जांच, हरित पट्टियों की फेंसिंग जरूरी
- मंगलवार देर रात दो बजे किसी के कूदने की आवाज आई थी। इसके बाद सुबह सीसीटीवी जांचने पर तेंदुए के आने का पता चला। एक साल के अंदर क्षेत्र में दो बार तेंदुआ देखा गया है। उसे पकड़ने के लिए गंभीरता से जांच होनी चाहिए। हरित पट्टियों की कंटीले तारों से फिर से फेंसिंग की जरूरत है। -एसके जैन, सेक्टर-13 निवासी
डर के कारण टहलने से किया परहेज
- क्षेत्र में तेंदुए के फिर से देखे जाने से परिवार के साथ आसपास के लोगों में डर है। सुरक्षा की दृष्टि से ही बृहस्पतिवार को टहलने नहीं गई। रात भर घर के बाहर की सभी लाइटें जलाकर रखीं। सतर्क रहे। -वीना, स्थानीय निवासी
सुरक्षा के लिए तेंदुए का पकड़ा जाना है जरूरी
- बार-बार तेंदुए का देखा जाना गंभीर मामला है। कॉलोनी के लोग अपनों की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं। सुरक्षा की दृष्टि से ही बच्चों को घर से बाहर खेलने के लिए नहीं भेजा है। लेकिन लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के उद्देश्य से तेंदुए का पकड़ा जाना जरूरी है। -शीनू, स्थानीय निवासी
एएलटी में बीते साल भी लगाया गया था पिंजरा
- एएलटी में बड़ी संख्या में हरित एरिया होने के कारण तेंदुए के आने की संभावना अधिक होती है। बीते साल एएलटी के अंदर घने पेड़ों वाले ब्लॉक में वन विभाग ने पिंजरा लगाया था। वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जांच में जुटे हुए हैं। -करण सिंह, सुरक्षा कर्मी, एएलटी सेंटर