अनूपशहर में रजिस्ट्री आफिस पर विरोध प्रदर्शन करते अधिवक्ता। संवाद
अनूपशहर। उत्तर प्रदेश सरकार की नई ई-रजिस्ट्री प्रणाली के खिलाफ अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बार एसोसिएशन अनूपशहर के बैनर तले बुधवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने उपनिबंधक (रजिस्ट्रार) कार्यालय में प्रदर्शन किया। वकील कार्यालय के मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वकीलों के इस कार्य बहिष्कार के चलते रजिस्ट्री दफ्तर में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इससे दूर-दराज से आए बैनामा खरीदार और विक्रेता परेशान नजर आए।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह सेजवाल और सचिव अमित शर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश शासन लगातार अधिवक्ता विरोधी नीतियां लागू कर रहा है। ई-रजिस्ट्री की यह नई व्यवस्था वकीलों, कातिबों (दस्तावेज लेखकों), स्टांप वेंडर और मुंशियों को बेरोजगारी के दलदल में धकेल देगी। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वकीलों ने आरोप लगाया कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में इस व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़ने को तैयार नहीं है।
धरने से पहले बार एसोसिएशन के सभागार में एक आपातकालीन कार्यकारिणी बैठक बुलाई गई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर महानिरीक्षक निबंधन (लखनऊ) के चार जून के पत्र का कड़ा विरोध किया गया। अनूपशहर के उपनिबंधक कार्यालय से संबंधित सभी कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करने की घोषणा की गई। साथ ही घोषणा की कि कोई भी अधिवक्ता या कातिब न तो बैनामा या अन्य दस्तावेज रजिस्टर्ड कराएगा और न ही उपनिबंधन कक्ष के भीतर प्रवेश करेगा।
वकीलों ने चेतावनी दी है कि जब तक इस जनविरोधी फैसले को वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान सुरेश सिंह चौहान, दिनेश शर्मा, अजय शर्मा, दीपक सक्सेना, जयप्रकाश शर्मा, आकिब गाजी आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।