गत दिनों आसपास के जनपदों के अधिकारियों से हुई बैठक के दौरान फैसला लिया गया था कि 17 जुलाई से उक्त मार्गों पर वाहनों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए पूर्ण तैयारी भी कर ली गई है। हालांकि कावंड़ियों की संख्या कम होने के चलते दो या तीन दिन बाद इन मार्गों पर वाहनों का संचालन पूर्णतया बंद कर दिया जाएगा।
मेरठ रोड पर रेंगते रहे वाहन
मेरठ रोड पर तीसरे दिन हल्का जाम रहा। मेरठ तिराहे पर दोपहर के समय 10 मिनट के लिए जाम लगा। कंट्रोल रूम पर सूचना फ्लैश की गई तो पुलिसकर्मियों ने जाम खुलवाया। इसके साथ ही मुरादनगर और गुलधर पर भी बुधवार को जाम लगा और वाहन रेंगते नजर आए। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धीरे-धीरे वाहन संचालन की व्यवस्था पटरी पर आ गई है। बुधवार को पांच एसीपी और 300 पुलिसकर्मियों को मेरठ रोड और जीटी रोड पर तैनात कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आलोक प्रियदर्शी और डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी, डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील और एडीसीपी यातायात सच्चिदानंद ने कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों को वाहनों का संचालन दुरुस्त करने और आरक्षित मार्ग पर वाहनों का संचालन पूर्णतया बंद करने के निर्देश दिए।
61 कट किए बंद, सात खोले
एडीसीपी यातायात सच्चिदानंद ने बताया कि मेरठ तिराहे से कादराबाद तक 61 कटों को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया है। वाहनों का संचालन और आसपास के लोगों को परेशानी होने के चलते सात कटों को खोला गया है। बताया कि मेरठ तिराहे से कादराबाद तक घूकना कट, एएलटी, दुहाई, आर्डिनेंस फैक्ट्री (ओएफएम), राज चौपला, सीकरी मंदिर और रावली कट खोले गए हैं।
मेरठ रोड, जीटी रोड और दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर वाहनों का संचालन अभी जारी रहेगा। कांवड़ियों की संख्या बढ़ने पर इन पर वाहनों का संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाएगा। -सच्चिदानंद, एडीसीपी यातायात।
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