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कनावनी झुग्गी आग : 2016 से 2023 तक एक कोठरी में दिए गए 3 बिजली कनेक्शन, रिपोर्ट में नाम गायब

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साहिबाबाद। कनावनी की झुग्गियों में 16 अप्रैल को लगी भीषण आग के एक महीने बाद शनिवार को जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को सौंप दी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कनावनी की एक ही कोठरी में 2016, 2019 और 2023 में तीन अलग-अलग विद्युत कनेक्शन दिए गए थे। हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ये कनेक्शन किसके नाम पर थे। ऊर्जा निगम अब कनेक्शन धारकों का डाटा खंगाल रही है और जल्द ही उन्हें नोटिस भेजने की तैयारी है।
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ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता अखिलेश सिंह ने बताया कि जांच समिति ने झुग्गियों में रह रहे लोगों से बातचीत के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। लोगों के बयान के मुताबिक, ऊर्जा निगम के अधिकारियों द्वारा बिजली के नाम पर कोई अवैध वसूली नहीं की जा रही थी। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों निगम अधिकारियों पर झुग्गियों में बिजली आपूर्ति के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगे थे, जो निराधार पाए गए।
2000 रुपये वसूलता था एक व्यक्ति, बिजली के नाम पर नहीं
जांच में सामने आया कि झुग्गियों में एक व्यक्ति रह रहे लोगों से प्रति माह दो-दो हजार रुपये लेता था। लेकिन यह कहीं स्पष्ट नहीं हुआ कि यह वसूली बिजली के नाम पर की जा रही थी। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि तीनों कनेक्शन निरस्त कर दिए जाएंगे। साथ ही भविष्य में अगर कोई भी व्यक्ति झुग्गी या अवैध जमीन पर मीटर लगवाने का आवेदन करता है तो उससे एनओसी मांगी जाएगी।
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अखिलेश सिंह ने माना कि फिलहाल यह नहीं बताया जा सकता कि तीनों कनेक्शन किसके नाम से जारी हुए थे। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह तक कनेक्शन धारक का नाम स्पष्ट हो जाएगा।


रिपोर्ट पर उठे सवाल, कनेक्शन धारक का नाम छिपाया

ऊर्जा निगम की जांच रिपोर्ट में कई खामियां सामने आई हैं। पूरी रिपोर्ट केवल इस बात पर केंद्रित है कि निगम अधिकारियों द्वारा बिजली के नाम पर कोई उगाही नहीं की जा रही थी। रिपोर्ट में कई लोगों के फोटो और पहचान पत्र गवाह के तौर पर लगाए गए हैं, जिन्होंने बताया कि अधिकारी किसी तरह की वसूली नहीं कर रहे थे। लेकिन रिपोर्ट में सबसे अहम सवाल अनुत्तरित है-झुग्गियों में विद्युत कनेक्शन किसके नाम से था? कनेक्शन किस आधार पर दिए गए? तीनों वर्ष में क्या किसी एक ही व्यक्ति के नाम पर कनेक्शन दिए गए या अलग-अलग नामों पर? कनेक्शन देते समय क्या उक्त व्यक्ति से किसी तरह की एनओसी मांगी गई थी? इनमें से किसी भी सवाल का जवाब रिपोर्ट में नहीं दिया गया है।
गौरतलब है कि 16 अप्रैल को कनावनी की झुग्गियों में भीषण आग लग गई थी, जिसके बाद बिजली कनेक्शन और अवैध वसूली को लेकर सवाल उठे थे। जांच समिति का गठन इन्हीं आरोपों की जांच के लिए किया गया था।
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