गाजियाबाद। नगर निगम के प्रकाश विभाग में लाइट्स और उपकरणों की आपूर्ति करने वाली फर्जी फर्म की जांच पूरी भी नहीं हुई और अफसरों ने उसे फिर से काम दे दिया। इस फर्म ने प्रकाश विभाग में 30 लाख से ज्यादा के उपकरणों की आपूर्ति की है।
जानकारी मिली है कि बिना जांच पूरी हुए फिर से सप्लाई दिए जाने के यह मामला अब नगर विकास मंत्री के पास भेजा जाएगा।फर्जी फर्म से गुपचुप लाइट्स और विद्युत उपकरण खरीद व करोड़ों रुपये के भुगतान का मामला करीब डेढ़ साल पहले कांग्रेस पार्षद अजय शर्मा ने नगर निगम सदन में उठाया था।
उन्होंने फर्जीवाड़े से संबंधित दस्तावेज भी महापौर को दिए थे। अजय शर्मा के मुताबिक फर्म का दिया हुआ टिन नंबर और पता दोनों फर्जी थे। महापौर अशु वर्मा ने इस मामले की जांच के लिए पार्षद राजेंद्र त्यागी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी।
20 अप्रैल 2016 को गठित हुई जांच कमेटी अभी तक अपनी रिपोर्ट भी नहीं दे पाई और इसी बीच नगर निगम अधिकारियों ने महापौर के जांच आदेश को ठेंगे पर रख उसी फर्म को फिर से काम दे दिया। करीब 30 लाख से ज्यादा का सामान यह फर्म फिर से आपूर्ति कर चुकी है।
उधर, इस संबंध में महापौर अशु वर्मा का कहना है कि कथित फर्जी फर्म को भुगतान के मामले में जांच रिपोर्ट जल्द देने के लिए कमेटी के अध्यक्ष को पत्र भेजा गया है। अगर निगम अधिकारियों ने फिर से उसी फर्म को काम दे दिया है तो इसकी शिकायत नगर विकास मंत्री के पास भेजी जाएगी। यह मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।