गाजियाबाद। मंगलवार को सुबह से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश पूरे दिन जारी रही। इससे अचानक ठंडक महसूस की गई। अप्रैल में भी लोगों को नवंबर जैसी ठंड का एहसास हुआ। बेमौसम बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा, जहां गेहूं की कटाई का काम पूरी तरह ठप हो गया। खेतों में नमी बढ़ने से कटाई और फसल उठान में दिक्कतें सामने आईं।
मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में गिरावट के साथ ही वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखा गया और एक्यूआई घटकर 149 तक पहुंच गया।
सोमवार रात से ही मौसम में बदलाव शुरू हो गया था। तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश ने शहर का मौसम बदल दिया। मंगलवार को सुबह छह बजे से दोपहर तीन बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस दौरान कभी तेज बारिश तो कभी बूंदाबांदी देखने को मिली। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। बीच-बीच में हल्की धूप भी निकलती रही, जिससे मौसम सुहावना बना रहा।
ग्राम इकला के किसान जगवीर नागर का कहना है कि गेहूं की कटाई शुरू होनी थी, लेकिन मंगलवार को बारिश के बाद कटाई शुरू नहीं कराई गई। अगर जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ तो इस बार गेहूं की फसल खराब होने के आसार हैं। हर किसान इस समय चिंतित हो रहा है।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से यह बदलाव देखा जा रहा है। उनके अनुसार, बुधवार को भी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में किसानों को अभी कुछ और दिन सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि मौसम की यह अनिश्चितता फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।