गाजियाबाद। शहर में नए उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन न मिलने की वजह से अब उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से हाईवे के किनारे की जमीनों पर उद्योग स्थापित करने की योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। ताकि इन हाईवे किनारे की जमीनों पर वर्षों से जमीन की तलाश में भटक रहे उद्यमियों के प्रोजेक्टों को स्थापित कराया जा सके। इस जमीन पर 100 से अधिक प्रोजेक्ट स्थापित कराएं जाएंगे।
गाजियाबाद में यूपीसीडा के अधीन 10 औद्योगिक क्षेत्र आते हैं। इनमें साहिबाबाद, लोनी साइट संख्या दो, लोनी अस्थान, कविनगर, बुलंदशहर रोड, लोहा मंडी, एसएसजीटी रोड, मेरठ साइट संख्या 22 और उद्योग पुंज के नाम शामिल हैं। इनमें से साहिबाबाद साइट चार पर 1445.17, लोनी रोड साइट दो पर 307, लोहामंडी में 52.24, कविनगर में 205.70 और बुलंदशहर रोड पर 690.19 हेक्टेयर जीमन में औद्योगिक क्षेत्र पूरी तरह से विकसित किया जा चुका है। शेष पर भी इसी तरह से पूरी तरह से औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो चुका है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन का ऐसा टोटा हो गया है कि छोटे उद्यम भी स्थापित करने के लिए जमीन नहीं बची है। इसकी वजह से नए उद्योग स्थापित करने के लिए उद्यमियों ने यूपीडा को जमीन उपलब्ध कराने के लिए संपर्क करना शुरू कर दिया है। यूपीडा ने उद्योगों को स्थापित करने के लिए एक्सप्रेसवे के किनारे की जमीनों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। इससे करीब 50 हजार से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित होने का अनुमान है।
विनिर्माण और सेवा सेक्टर के होंगे उद्योग
नए उद्योगों में सर्वाधिक विनिर्माण ओर सेवा सेक्टर के उद्योग स्थापित किए जाएंगे। ऐसी करीब 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को स्थापित किया जाना है। इसके लिए स्थानीय किसानों से भी उनकी भूमि के लिए संपर्क किया जाएगा। गाजियाबाद जिले के औद्योगिक क्षेत्र में वर्तमान में 27 हजार से अधिक छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं। इनमें सर्वाधिक इकाइयां विनिर्माण क्षेत्र की हैं। लघु उद्यमों की संख्या एक हजार से अधिक है।
यह योजना यूपीडा की है। इसमें यूपीसीडा की कोई जिम्मेदारी नहीं है। यह कार्ययोजना लखनऊ से ही तैयार की जा रही है। -प्रदीप कुमार सत्यार्थी, आरएम, यूपीसीडा।