गाजियाबाद। कानपुर और गौतमबुद्धनगर के बाद आयकर विभाग की टीम ने बुधवार को गाजियाबाद के सब रजिस्ट्रार-1 के दफ्तर पहुंचकर सर्वे किया। इसमें दफ्तर के डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की गई। शुरुआती जांच के बाद दावा है कि यहां करीब 3700 करोड़ की अनियमितताएं पाई गई हैं। इसके बाद आगे की जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, इसमें डिजिटल रिकॉर्ड को कब्जे में लिया गया है, जहां जानबूझकर गड़बड़ी करने की जांच की जा रही है।
किसी में गलती तो किसी दस्तावेज में पैन ही नहीं
जानकारी के अनुसार आयकर की टीम दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दफ्तर पहुंची और शाम छह बजे तक सभी रिकॉर्ड को चेक किया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच के बाद रजिस्ट्री और स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन में काफी गड़बड़ी मिली है। जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिनमें पैन नंबर गलत था। वहीं कई में पैन नंबर लगाया ही नहीं गया, जबकि यह गलत है। इसमें पैन नंबर जरूरी होता है। जानकारी के अनुसार, इस मामले में लापरवाही के साथ अपने लाभ के लिए गड़बड़ी करने की जांच की जा रही है। ऐसा मिलने पर विभाग के अधिकारी भी रडार पर आ सकते हैं।
देनी होती है पूरी जानकारी
जानकारी के अनुसार, सब रजिस्ट्रार दफ्तर से होने वाली रजिस्ट्री के बारे में एक एक्सेल शीट बनाकर जानकारी देनी होती है। इस पूरी रिपोर्ट पर एआई की भी नजर रहती है। जांच में सामने आया है कि फॉर्म 61 और फॉर्म 61ए को रिपोर्ट करने में कमी मिली है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस प्रकार के मामलों में कई नोटिस देकर कमियों को ठीक करने के लिए कहा जाता है, ऐसे में नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद लेनदेन में गड़बड़ी का आंकड़ा बढ़ भी सकता है।
दो साल के रिकॉर्ड की हुई जांच
एआईजी स्टांप पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि जो भी बैनामे किए जा रहे हैं, वे नियमानुसार किए जा रहे हैं। चार महीने पहले पैन कार्ड वेरिफिकेशन का सॉफ्टवेयर अपडेट हुआ था। आयकर विभाग ने 2022-23 और 2023-24 के बैनामे खंगाले हैं। सभी वित्तीय वर्ष के बाद 30 लाख से ऊपर के सभी बैनामों की पूरी डिटेल विभाग की वेबसाइट एनएसडीएल पर अपलोड कर दी जाती है। पैन कार्ड के वेरिफिकेशन का कार्य रजिस्ट्री कार्यालय का नहीं है।