एक बिल्डर कंपनी के प्रबंधन से परेशान होकर एक परिवार ने मुख्यमंत्री के गाजियाबाद आगमन के दौरान आत्मदाह करने की अनुमति डीएम से मांगी है। शनिवार को डीएम से इस परिवार की मुलाकात नहीं हो सकी लेकिन एडीएम ने इन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।डासना के किसान राजेंद्र ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा है कि उनकी खसरा संख्या 3511, क्षेत्रफल 0.1640 ह
यह भूमि एक बिल्डर कंपनी के लिए अधिग्रहित/प्रतिबंधित की गई है। जीडीए वीसी की मध्यस्थता में तय हुआ था कि किसान अपनी भूमि सीधे बिल्डर कंपनी को 24 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से बेच पाएगा लेकिन अब बिल्डर कंपनी का प्रबंधन सीधे जमीन न खरीद कर दलाल के माध्यम से खरीदना चाहता है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि दलाल उन पर मात्र 16 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से जमीन बेचने का दबाव बना रहा है। किसान ने कहा है कि उन्हें अपनी बेटी की शादी करनी है इसके लिए पैसे की सख्त जरूरत है। सीएम के नाम प्रेषित ज्ञापन में मांग की गई है कि बिल्डर कंपनी को 24 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से उनकी जमीन क्रय करने का आदेश दिया जाए
वे परिवार के साथ सीएम के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।राजेंद्र ने बताया कि एडीएम ने रविवार को उनकी मुलाकात डीएम से कराने की बात कही है। जब तक उन्हें डीएम से ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक वह अपनी मांग पर अडिग रहेंगे।
‘जीडीए का कोई रोल नहीं’
उधर, जीडीए ओएसडी डीपी सिंह ने कहा कि किसान और बिल्डर के बीच जमीन की खरीद-बिक्री में जीडीए का कोई रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि जीडीए नियमत: बिल्डर पर यह दबाव नहीं बना सकता है कि वह सीधे जमीन किसान से खरीदे। उन्होंने कहा कि राजेंद्र के मामले में मानवता के नाते बिल्डर से कहा गया था कि वह उसकी जमीन सीधे खरीदे।