कांवड़ यात्रा की व्यवस्था में कुछ और परिवर्तन किए गए हैं। पिछली बार एक्सप्रेसवे के साथ ही डाक कांवड़ मेरठ रोड से भी आई थीं। इस बार सभी डाक कांवड़ सिर्फ एक्सप्रेसवे से आएंगी। पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्र ने बताया कि इस बार दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान शुरू से ही लागू कर दिया जाएगा। यह मार्ग सिर्फ डाक कांवड़ के लिए रहेगा तो इसका पूरा ट्रैफिक आसानी से मेरठ रोड पर शिफ्ट हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि पिछली बार 30 से 35 फीसदी डाक कांवड़ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से ही आई थीं। इससे अन्य वाहनों को परेशानी हुई। ट्रैफिक जाम हुआ था। बाकी डाक कांवड़ मेरठ रोड से आई थीं। इससे यह रूट भी पूरी तरह से अन्य वाहनों के लिए खाली नहीं रहा था।
डाक कांवड़ के लिए दो रूट के बजाय एक ही रूट होने से दोहरा फायदा होगा। डाक कांवड़ को अलग रूट मिल जाएगा। अन्य वाहनोंं के लिए मेरठ रोड रहेगा। मेरठ रोड से ही पैदल कांवड़िये आएंगे। इसी रोड पर कांवड़ियों के लिए शिविर लगाए जाते हैं।
पिलखुवा या कन्नौजा से होकर जा सकेंगे
मेरठ की ओर भारी वाहनों का आवागमन पूर्ण रूप से बंद रहेगा। वहीं मोदीनगर व आसपास के क्षेत्र में जाने वाले हल्के वाहन 27 जुलाई से मसूरी के पास से कन्नौजा होते हुए ओर्डिनेंस फैक्टरी मुरादनगर की ओर जा सकेंगे। इसके अलावा पिलखुवा से भोजपुर होकर मोदीनगर जा सकेंगे।