गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) तकरीबन 1600 करोड़ रुपये मूल्य की 125 एकड़ जमीन को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराएगा। भूमाफियाओं की मिलीभगत से इस सरकारी जमीन पर मकान, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बना दिए गए हैं। जीडीए वीसी कंचन वर्मा को दी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
इतनी बड़ी संख्या में अवैध कब्जों के खुलासे ने जीडीए में हड़कंप मचा दिया है। जीडीए ने जमीन को कब्जा हटाने के लिए योजना तैयार कर ली है।जीडीए की जमीनों को कब्जामुक्त करने के लिए वीसी कंचन वर्मा ने पुलिस से सहयोग मांगा है। सभी जोन से आई रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
बृहस्पतिवार से अवैध कब्जे हटाने का अभियान शुरू हो सकता है। बता दें कि जीडीए वीसी ने कब्जेदारों की विस्तृत रिपोर्ट प्रवर्तन विभाग से मांगी थी। पिछले डेढ़ हफ्ते से अवैध कब्जों को लेकर लगातार बैठकें हो रहीं थीं। ओएसडी आरपी पांडे ने बताया कि सभी जोन से रिपोर्ट आ गई है।
जमीन का क्षेत्रफल निकालने में परेशानी आ रही है, जिसे बुधवार रात तक दूर कर लिया जाएगा। जोनवार 536 मकानों को चिह्नित किया गया है, जिनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट से वीसी को अवगत करा दिया गया है।
फाइनल रिपोर्ट कार्रवाई के पूरे खाके के साथ बृहस्पतिवार की सुबह वीसी के पास पहुंच जाएगी।
वीसी से लेकर शासन तक सख्त, एसएसपी से मांगी फोर्स
अवैध कब्जा हटाने के लिए जीडीए वीसी से लेकर शासन तक सख्त है। पहले चरण में राजनगर से शुरुआत हो सकती है। इसके लिए शासन से पुलिस और प्रशासन को अवैध कब्जा हटाने में सहयोग करने के आदेश हैं। जीडीए में अफसरों और बाबुओं के एक बड़े तबके में बेचैनी है, जिनके कार्यकाल में भूमाफिया जमीन पर कब्जा करते चले गए।
जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए जीडीए ने बुधवार को एसएसपी से फोर्स मांगी है। एसएसपी ने भी संबंधित थानों को फोर्स मुहैया कराने के निर्देश दे दिए हैं। इस बार यह पहला मौका है जब जीडीए, पुलिस और प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से अभियान चलाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराएंगी।