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Ghaziabad News: जामा मस्जिद के बाहर सरकारी जमीन पर बनी अवैध मार्केट ध्वस्त

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मोदीनगर के गांव बेगमाबाद में अवैध दुकानों को ध्वस्त करती टीम। संवाद - फोटो : योगेश कुशवाहा
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मोदीनगर। प्रशासन ने बेगमाबाद स्थित जामा मस्जिद के बाहर सरकारी जमीन पर बनीं 14 दुकानों और विशालकाय दरवाजे को सोमवार दोपहर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। दुकानदारों ने ध्वस्तीकरण से पहले खुद ही दुकानें तोड़नी शुरू कर दी थी। तभी प्रशासन और नगर पालिका की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। नगर पालिका परिषद और जामा मस्जिद के प्रबंधक के बीच उपजिलाधिकारी कोर्ट में वाद चल रहा था। कोर्ट का फैसला नगर पालिका परिषद के पक्ष में आया आया। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।
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दुकानों का किराया जामा मस्जिद कमेटी लेती थी। नगर पालिका परिषद ने मार्केट की जमीन को अपनी बताते हुए उपजिलाधिकारी कोर्ट में वाद दायर किया था। कोर्ट ने जमीन नगर पालिका की बताते हुए फैसला पालिका के पक्ष में सुनाया। बीते शनिवार को उपजिलाधिकारी अजीत सिंह व एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बेगमाबाद पहुंचकर अवैध दुकानों से अतिक्रमण हटाने का एनाउंस किया। तय समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी थी। शनिवार से ही बेगमाबाद में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।

आरआरएफ, पीएसी और पांच सौ पुलिसकर्मी रहे तैनात
पूर्व घोषणानुसार सोमवार दोपहर डीसीपी ग्रामीण सुरेन्द्र नाथ तिवारी, उपजिलाधिकारी अजीत सिंह, एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा, आरआरएफ और पीएसी सहित पांच सौ पुलिसकर्मियों के साथ गांव बेगमाबाद स्थित जामा मस्जिद पहुंचे। मोदीनगर, निवाड़ी, भोजपुर व मुरादनगर के साथ ही अन्य थानों से भी पुलिस बुलाई गई थी। पांच ड्रोन कैमरों से क्षेत्र पर निगाह रखी गई।
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पालिका के दो बुलडोजरों ने ढाई घंटे में ध्वस्त किया मार्केट
नगर पालिका परिषद के दो बुलडोजरों ने लगभग 12 बजे दुकानों का ध्वस्तीकरण शुरू किया। बुलडोजर ने दो घंटे में सभी दुकानें ध्वस्त कर दीं। इसके बाद विशालकाय दरवाजे का ध्वस्तीकरण शुरू हुआ। दरवाजे के ध्वस्तीकरण में लगभग आधा घंटे का समय लगा। ढाई घंटे में 14 दुकानें और विशालकाय दरवाजा जमींदोज हो गया। भारी पुलिसबल के कारण कोई ध्वस्तीकरण का विरोध नहीं कर सका।

प्रशासन की चेतावनी के बाद दुकानदार खुद तोड़ने लगे दुकानें
शनिवार शाम प्रशासन की ओर सेे दी गई चेतावनी के बाद दुकानदारों ने रविवार से मजदूर लगाकर दुकानें खुद ही तोड़नीं शुरू कर दीं। मगर वह कुछ ही हिस्सा तोड़ पाए। सोमवार को बुलडोजर आने की सूचना के बाद से दुकानदारों ने मजदूरों को हटा दिया।

ढाई दशक पूर्व हुआ था दुकानों का निर्माण
जामा मस्जिद के पास वर्ष 2000 में दुकानों का निर्माण हुआ था। उस समय गांव बेगमाबाद में ग्राम सभा थी। ग्राम सभा ने दुकानों की भूमि को अपना बताते हुए वाद दायर किया था। वर्ष 2020 में नगर पालिका परिषद के अधीन होने के बाद विवादित भूमि की पैरवी पालिका ने की। बीते दिनों उपजिलाधिकारी की कोर्ट ने भूमि को नगर पालिका की मानते हुए दुकानों और दरवाजे को अवैध करार दिया। दुकानें लगभग 26 वर्षों से बनी थीं। कोर्ट ने वर्ष 2023 तक इस पर लगभग 2.20 करोड़ रुपये जुर्माना भी लगाया।


एसडीएम कोर्ट के आदेश के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। कब्जा मुक्त कराई गई भूमि की कीमत लगभग पौने तीन करोड़ रुपये थी। कब्जा मुक्त कराई गई भूमि को नगर पालिका को हैंडओवर कर दिया गया है।

अजीत सिंह, उपजिलाधिकारी मोदीनगर

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जामा मस्जिद के बाहर सरकारी जमीन पर बनीं दुकानें ध्वस्त की गई हैं। कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
सुरेंद्र नाथ तिवारी, डीसीपी ग्रामीण गाजियाबाद

मोदीनगर के गांव बेगमाबाद में अवैध दुकानों को ध्वस्त करती टीम। संवाद- फोटो : योगेश कुशवाहा

मोदीनगर के गांव बेगमाबाद में अवैध दुकानों को ध्वस्त करती टीम। संवाद- फोटो : योगेश कुशवाहा

मोदीनगर के गांव बेगमाबाद में अवैध दुकानों को ध्वस्त करती टीम। संवाद- फोटो : योगेश कुशवाहा

मोदीनगर के गांव बेगमाबाद में अवैध दुकानों को ध्वस्त करती टीम। संवाद- फोटो : योगेश कुशवाहा

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