गाजियाबाद। जननी सुरक्षा योजना की प्रोत्साहन राशि अब महिलाएं अपने पति के एकाउंट में भी डलवा सकती हैं। यह सुविधा सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मिलेगी, जिनका बैंक में एकाउंट नहीं है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली के तहत अभी तक सिर्फ प्रसूता के एकाउंट में ही पैसा जाता था।
इससे बड़ी संख्या में ऐसी महिलाओं को यह राशि नहीं मिल पाती थी, जिनका बैंक में एकाउंट नहीं होता था। यही कारण रहा कि अप्रैल 2015 से लेकर अब तक 607 प्रसूताएं इस योजना का लाभ नहीं उठा सकीं और उनका पैसा लैप्स हो गया।
सरकारी अस्पताल में डिलीवरी कराने पर शासन स्तर से शहरी क्षेत्र की महिला को 1000 और ग्रामीण क्षेत्र की महिला को 1400 रुपये जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाते हैं।
इसके लिए 2015 में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली की शुरूआत हुई थी। इसके तहत प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के एकाउंट में भेजी जाती थी। काफी संख्या में महिलाओं के पास एकाउंट न होने के कारण उनको इस कारणवश लाभ नहीं मिल पाता था।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग को यह भी निर्देश दिए गए थे कि जिसके पास अकाउंट न हो उनका जीरो बैलेंस पर उनका खाता खुलवाने में मदद की जाए, लेकिन डाक्यूमेंट्स न होने के कारण उसके बाद भी अधिकतर महिलाओं के खाता नहीं खोले जा सके थे।
यही कारण रहा कि 607 महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं उठा सकीं और बैंक एकाउंट न होेने के कारण उनकी सहायता राशि लैप्स हो गई। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. दीपा त्यागी ने बताया कि महिलाओं की इस समस्या को देखते हुए शासन ने अब यह बदलाव किया है। शासन स्तर से व्यवस्था की गई है कि अगर प्रसूता का एकाउंट नहीं है, तो उसके पति के बैंक एकाउंट में प्रोत्साहन राशि भेजी जाए।