12 मई को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो से मां को चकमा देकर उसके चार साल के बच्चे का अपहरण करने वाले शातिर को जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने दबोच लिया। आरोपी की पहचान बिहार के गया स्थित शिमलापुर गांव निवासी सलमान के रूप में हुई। आरोपी ने कबूला कि उसकी तीन भांजी हैं। भांजे की चाहत थी, इसलिए उसने बच्चे का अपहरण करने की योजना बनाई। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बच्चे को दिल्ली में उसकी बहन के घर से बरामद कर लिया।
जीआरपी सीओ सुदेश गुप्ता ने बताया कि उत्तराखंड के ऋषिकेश की बापूग्राम कॉलोनी निवासी पूजा 11 मई को अपने रिश्तेदार के यहां ट्रेन से दिल्ली आई थीं। उनके साथ उनका चार साल का बेटा भी था। दिल्ली स्टेशन से बाहर निकलते वक्त उनको सलमान नाम का युवक मिला, जिससे पूजा ने मैट्रो स्टेशन का रास्ता पूछा। रास्ता बताने के लिए वह पूजा के साथ चला गया। बातों में उलझाकर उसने पूजा से नजदीकी बना ली और वह रातभर उनके साथ ही रहा। 12 मई को वह बेटे को लेकर गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचीं यहां से उनको ऋषिकेश जाने के लिए ट्रेन पकड़नी थी। इस दौरान सलमान उनको गाजियाबाद स्टेशन पर छोड़ने आया। पूजा अपना मोबाइल व बेटे को सलमान के भरोसे छोड़कर जैसे ही शौचालय गईं तो उसने उनके बेटे का अपहरण कर लिया और मोबाइल भी अपने साथ ले गया। लौटने पर जब सलमान और बेटा नहीं मिला तो पूजा ने पुलिस से संपर्क साधा। पुलिस ने इसमें तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर सीसीटीवी खंगाले। उसमें आरोपी बच्चे को ले जाता हुआ दिखा। पुलिस ने सर्विलांस के जरिये आरोपी की लोकेशन निकाली। दिल्ली स्टेशन की फुटेज भी देखी। पहचान करके पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।
बहन के घर मिला बच्चा
आरपीएफ निरीक्षक चेतन प्रकाश ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ हुई तो पता चला कि आरोपी ने दो शादियां की हैं। एक पत्नी राजस्थान में रहती है। सलमान की बहन जो दिल्ली में रहती हैं, उनकी तीन बेटियां हैं। कोई बेटा नहीं है। वह चार साल के बेटे को यह कहकर उनको देकर आया कि बेटा उसकी राजस्थान में रहने वाली पत्नी का है। वह उनको बेटा समझकर पालें। पुलिस ने आरोपी की बहन के बयान भी दर्ज किए हैं। बहन को यह पता नहीं था कि बच्चा अपहरण कर लाया गया है। पुलिस के पहुंचने पर इसकी जानकारी उनको हुई।