बेटी ने किया खुलासा
एसीपी मसूरी भास्कर वर्मा ने बताया कि सूर्या विहार कॉलोनी में रहने वाली सोनिया के लापता होने के मामले में उसके भाई संदीप कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के दौरान एक जून को सोनिया की 10 वर्षीय बेटी नानी के घर पहुंची और उसने मां की हत्या की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने बच्ची के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और पूरे मामले का खुलासा किया।
पति और देवर गिरफ्तार
पुलिस ने हत्या के आरोप में सोनिया के पति परविंद्र और उसके भाई विनोद को गिरफ्तार किया है। दोनों मूल रूप से मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र के रहने वाले हैं। शव को जलाने में मदद करने के आरोप में सिगलपुर निवासी ब्रह्मपाल को भी गिरफ्तार किया गया है, जो परविंद्र का मामा है। पुलिस मुख्य आरोपी परविंद्र की मां बेदो देवी की भूमिका की भी जांच कर रही है।
विवाद के बाद रची हत्या की साजिश
एसीपी के अनुसार, पुलिस पूछताछ में आरोपी परविंद्र ने बताया कि उसकी शादी 12 वर्ष पहले जानसठ (मुजफ्फरनगर) निवासी सोनिया से हुई थी। उनकी दो बेटियां हैं। सोनिया से उसका अक्सर विवाद होता रहता था। मामला बढ़ने पर सोनिया ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया, लेकिन सोनिया ने गांव में रहने से इन्कार कर दिया। इसके बाद करीब नौ महीने पहले वे नोएडा आ गए। वहां परविंद्र एक कंपनी में डिलीवरी बॉय का काम करने लगा। उसका भाई विनोद मुरादनगर की सूर्या विहार कॉलोनी में रहता था। नवंबर 2025 में परविंद्र भी अपने भाई के पास आकर रहने लगा। यहां भी पति-पत्नी के बीच विवाद होता रहता था।
सोनिया ने दी थी मारकर नीले ड्रम में भरने की धमकी
परविंद्र ने पुलिस को बताया कि एक दिन सोनिया ने उसकी मां से बच्चों की पिटाई को लेकर बहस की थी और बाद में मारपीट भी की। इस बारे में सवाल करने पर सोनिया ने परविंद्र को सोते समय हत्या करने की धमकी दी। इस बारे में उसने परिचितों को बताया तो वह नीले ड्रम वाली घटना का हवाला देकर डराने लगे। इसी बीच 29 जनवरी 2026 को पति-पत्नी के बीच फिर विवाद हुआ और सोनिया ने दोबारा जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद परविंद्र ने भाई विनोद को बुलाया और दोनों ने मिलकर सोनिया की हत्या की साजिश रच डाली।
पहले फंदे पर लटकाया, फिर मुंह दबाकर ली जान
पुलिस के मुताबिक, 29 जनवरी को आरोपियों ने पहले सोनिया के गले में फंदा डालकर उसे पंखे के कुंडे से लटका दिया। कुछ देर बाद नीचे उतारने पर उसकी सांसें चल रही थीं तो दोनों ने तकिये से उसका मुंह दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
खिड़की से सब देख रही थी बेटी
घटना के समय 10 वर्षीय बेटी घर के बाहर थी। बच्ची ने खिड़की से पूरी वारदात देख ली। आरोप है कि जब पिता की नजर उस पर पड़ी तो उसे धमकाया गया कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो घर से निकाल दिया जाएगा। डर के कारण बच्ची कई महीने तक चुप रही। बाद में जब वह अपने ननिहाल पहुंची तो पूरी घटना परिजनों को बताई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच की दिशा बदल गई।
बिस्तर में लपेटकर ले गया शव
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद परविंद्र शव को बिस्तर में लपेटकर अपने गांव ले गया। वहां अंतिम संस्कार नहीं कर पाने पर उसने अपने मामा ब्रह्मपाल की मदद ली। दोनों शव को बोरे में भरकर सिगलपुर स्थित एक बिटौरे तक ले गए और वहां आग लगाकर जला दिया। पुलिस का कहना है कि बाद में बची हुई हड्डियों को पास के तालाब में फेंक दिया गया।
सोनिया का तलाशता रहा परिवार
मुरादनगर पुलिस के अनुसार परविंद्र जब सोनिया को लेकर नोएडा आया तो उसने घर का पता अपने ससुराल में नहीं बताया। साथ ही नवंबर को गाजियाबाद जाने की जानकारी भी सोनिया के परिवार को नहीं थी। जब सोनिया के लिए कॉल आता तो परविंद्र उसके व्यस्त होने की बात करता था। परेशान होकर सोनिया के भाई संदीप ने उसकी तलाश शुरू की। जहां वह जानकारी करते हुए एक जून को सूर्या एन्क्लेव में उसके पास पहुंचा। जहां उन्होंने सोनिया के बाहर होने की बात कही।