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Ghaziabad News: 25 हजार फ्लैट मालिकों पहली बार जारी किया गया गृहकर का नोटिस

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गाजियाबाद। शहर की बहुमंजिला इमारतों के फ्लैटों में रहने वाले एक लाख पुराने संपत्ति करदाताओं को नोटिस भेजकर वसूली की प्रक्रिया अमल में लाने के बाद अब 25 हजार नए फ्लैटों मालिकों को नगर निगम ने गृहकर का नोटिस जारी किया है। इनसे जल्द से जल्द कर वसूलने की प्रक्रिया को अमल में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
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नगर निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक लाख से ज्यादा भवनों को संपत्ति कर के दायरे में लाया गया है। इनमें कई ऐसी बहुमंजिला इमारतें भी शामिल हैं, जिनमें रहने वालों ने अभी तक गृहकर जमा नहीं किया है। नगर निगम की सीमा के अंतर्गत 4.52 लाख संपत्तियां कर के दायरे में थीं, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष में बढ़कर साढ़े पांच लाख से ज्यादा हो गई हैं। निगम की सीमा के अंतर्गत बहुमंजिला इमारतों के लगभग 1.25 लाख फ्लैटों से संपत्ति कर वसूला जाना है, जिनमें 25 हजार नए करदाता शामिल हुए हैं। इनसे कर वसूली के लिए पहली बार इन्हें नोटिस जारी कर जल्द से जल्द कर जमा करने को कहा गया है।

250 बड़े बकायेदारों को नोटिस जारी
नगर निगम ने सभी पांच जोन के 50-50 बड़े बकायेदारों से वसूली के लिए नोटिस जारी किया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि 250 बड़े बकायेदारों से वसूली के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। जल्द ही अगर इन भवन स्वामियों ने अगर कर नहीं जमा कराया तो आगे की प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा। इसके लिए सभी जोनल अधिकारियों को अपने-अपने जोन में प्राथमिकता के आधार पर व्यावसायिक भवनों से कर वसूली के निर्देश दिए गए।
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पिछले वर्ष से 64 करोड़ रुपये अधिक वसूला संपत्तिकर
संपत्ति कर वसूलने में नगर निगम ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 313 करोड़ रुपये संपत्ति कर वसूलने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसमें 295 करोड़ रुपये से ज्यादा कर वसूला गया है। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि पिछले वर्ष एक अप्रैल से 31 अगस्त तक 84.61 करोड़ रुपये संपत्ति कर वसूला गया था। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 415 करोड़ रुपये कर वसूलने का लक्ष्य है। पिछले वर्ष की तुलना में अब तक 64 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति कर वसूला गया है।

30 नवंबर के बाद नहीं मिलेगी पांच प्रतिशत की छूट
पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम क्षेत्र में तकरीबन 4.52 लाख संपत्तियां थीं, जिनमें से 2.71 लाख संपत्तियों का कर जमा हुआ है। करीब 1.80 लाख भवन मालिकों ने तय समय पर संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया था। इन भवन मालिकों को बकाया राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज लगाकर नए बिल भेजे जा रहे हैं। पुरानी बकाया राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज देना ही होगा। वहीं, 30 नवंबर के बाद संपत्तिकर जमा करने वालों को पांच प्रतिशत की छूट का लाभ नहीं मिल सकेगा। निगम की ओर से 30 नवंबर से पहले संपत्ति कर जमा करने वालों को पांच प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जा रही है।

डीएम सर्किल रेट से संपत्तिकर जारी होने पर महापौर ने जोनल प्रभारियों को लिखा पत्र
डीएम सर्किल रेट से संपत्ति कर के लिए नोटिस जारी करने पर महापौर सुनीता दयाल ने जोनल प्रभारियों को पत्र लिखकर इसको रोकने का आदेश दिया है। पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि सदन की बैठक में यह प्रस्ताव पास हो चुका है कि इस वित्तीय वर्ष में पुराने सर्किल रेट के हिसाब से गृहकर वसूला जाएगा। बावजूद इसके लोगों की शिकायत आ रही है कि नए सर्किल रेट से गृहकर वसूली के लिए उनको नोटिस भेजा जा रहा है।
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