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Ghaziabad News: सरकारी अस्पतालों में एचआईवी जांच ठप

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गाजियाबाद। जिले के सरकारी अस्पतालों में बुधवार को एचआईवी जांच का काम प्रभावित रहा। एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संचालित एआरटी, ओएसटी, आईसीटीसी और एसटीआई केंद्रों के कर्मचारी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए। इसके चलते जिला एमएमजी अस्पताल समेत संबंधित केंद्रों पर पहुंचे 300 से अधिक मरीजों को जांच, इलाज और दवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीजों को बिना जांच और उपचार के वापस लौटना पड़ा। अस्पतालों में ऑपरेशन से पहले कराई जाने वाली एचआईवी जांच भी प्रभावित हुई।
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कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से समान वेतन, नियमितीकरण और नौकरी की सुरक्षा समेत अन्य मांगों को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। पहले चरण में पांच से 11 अक्तूबर तक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था। इसके बाद 12 अक्तूबर से प्रतिदिन दो घंटे कार्य बहिष्कार कर अपनी मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। मांगें पूरी नहीं होने पर कर्मचारियों ने काम पूरी तरह बंद कर दिया और अपनी मांगों को लेकर लखनऊ पहुंच गए।


नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा की मांग

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान वेतन, नियमितीकरण, नौकरी की सुरक्षा, 20 प्रतिशत अतिरिक्त मानदेय, समूह बीमा, पुनः समायोजन और नियमित भर्ती में अतिरिक्त अंक के साथ आयु सीमा में छूट शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से एचआईवी और एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी सेवा शर्तों और भविष्य से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है।
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ऑपरेशन से पहले की जांच भी प्रभावित

अस्पतालों में विभिन्न ऑपरेशन से पहले मरीजों की एचआईवी जांच कराई जाती है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बुधवार को यह व्यवस्था भी प्रभावित हुई। जांच नहीं होने से मरीजों को आगे की उपचार प्रक्रिया के लिए इंतजार करना पड़ा। कर्मचारियों ने शासन और संबंधित अधिकारियों से मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। वहीं, हड़ताल लंबी खिंचने पर एचआईवी जांच और उपचार से जुड़ीं सेवाओं पर असर बढ़ने की आशंका है।
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