शहर में लगे अवैध विज्ञापनों पर नगर निगम का शिकंजा कसने लगा है। निगम अफसरों की टीम ने हाईवे पर अवैध रूप से लगाए गए 16 बड़े यूनिपोल काटे। इस दौरान गेट मोर नाम की फर्म के लोगों ने विरोध किया, लेकिन निगम ने कार्रवाई जारी रखी।
महापौर की सख्ती के बाद निगम अफसरों ने बीओटी फर्मों पर यह बड़ी कार्रवाई की है। अब 2 मई से फिर अभियान चलाया जाएगा। नगर आयुक्त अब्दुल समद ने बीओटी फर्मों द्वारा लगाए गए अवैध यूनिपोल और होर्डिंग्स को चिह्नित करने के लिए टीमों से सभी जोन में सर्वे कराया था। सर्वे में 390 अवैध यूनिपोल चिह्नित किए गए हैं।
पहले दिन नगर निगम ने एनएच-24 पर अभियान चलाया। उप नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त, एसके तिवारी, विजय नगर जोन प्रभारी एसके गौतम, प्रदीप कुमार, हिमांशु शर्मा व प्रवर्तन दल हाईवे पर पहुंचा।
यूपी गेट से एबीईएस कट तक चलाए गए अभियान में गेट मोर नाम की फर्म के 16 अवैध यूनिपोल काटे गए। इस दौरान फर्म के पदाधिकारियों ने निगम की टीम का विरोध किया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में अभियान जारी रहा।
उप नगर आयुक्त एसके तिवारी ने बताया कि फर्म ने सेंट्रल वर्ज पर बिना अनुमति 400 वर्ग फीट बड़े यूनिपोल लगा लिए थे। उन्होंने बताया कि नगर आयुक्त के निर्देश पर शुरू किए गए अभियान में 2 मई को दूसरे क्षेत्रों में यूनिपोल काटे जाएंगे।
विज्ञापन कर कमाई की, निगम को नहीं चुकाए 5.76 करोड़
विज्ञापन फर्मों ने शहर में अवैध यूनिपोल और होर्डिंग्स लगाकर कमाई तो कर ली, लेकिन निगम में विज्ञापन शुल्क जमा नहीं किया। नगर आयुक्त अब्दुल समद ने बताया कि इन फर्मों की सूची तैयार कर ली है। इन पर 5.76 करोड़ रुपया विज्ञापन शुल्क का बकाया है। इन फर्मों को नोटिस जारी कर दिए गए है। पैसा जमा न कराया गया तो आरसी जारी कर इनसे राजस्व वसूली बकाया वसूल किया जाएगा।