हिंडन नदी पुल के पास एलिवेटेड रोड की शटरिंग की चपेट में आकर कारोबारी सावन तिवारी भी घायल हुए थे। गनीमत रही कि उन्होंने हेलमेट पहना हुआ था, जिस कारण उनकी जान बच गई। उनका एक दांत टूट गया है। नाक, ठुड्डी और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं।
सावन ने बताया कि वह नेहरूनगर थर्ड-ए में रहते हैं। कंस्ट्रक्शन का कारोबार करते हैं। सोमवार को उनकी दिल्ली में बिजनेस मीटिंग थी। रात करीब 9.30 बजे मीटिंग से बाइक पर घर लौट रहे थे।
जैसे ही हिंडन नदी पुल के पास एलिवेटेड रोड के पास पहुंचे, शटरिंग गिर गई। वह बाइक समेत गिरकर घायल हो गए। पुलिस और आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें नरेंद्र मोहन अस्पताल पहुंचाया। वह कुछ देर बेहोश भी रहे।
उन्होंने बताया कि उनके सिर पर हेलमेट था, जिसने उनकी जान बचा ली। उनकी क्षतिग्रस्त बाइक साहिबाबाद थाने में खड़ी है। अस्पताल में उपचार के बाद वह घर आ गए हैं। डॉक्टर ने उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी है। मंगलवार को उन्होंने बताया कि 24 घंटे बाद भी हादसे के बारे में सोचकर उनकी रूह कांप जाती है।
पांच सदस्यीय कमेटी करेगी हादसे की जांच
- एलिवेटेड रोड की शटरिंग गिरने के मामले में जांच कमेटी बनी, 15 दिनों में आएगी रिपोर्ट
शटरिंग गिरने के मामले में जीडीए वीसी ने मंगलवार को जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी में राइट्स (थर्ड पार्टी क्वालिटी इंश्योरेंस), सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (थर्ड पार्टी क्वालिटी इंश्योरेंस), मेसर्स स्तूप कंसलटेंट (रोड के अथॉरिटी इंजीनियर), मेसर्स आरवी एसोसिएट्स (रोड की डिजाइन-ड्राइंग्स के प्रूफ कंसलटेंट) के प्रतिनिधियों समेत जीडीए अधीक्षण अभियंता आरके जायसवाल और एके गुप्ता को शामिल किया गया। जीडीए सचिव रवींद्र गोडबोले कमेटी के अध्यक्ष होंगे। कमेटी 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
यूपी गेट से राजनगर एक्सटेंशन तक निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के पिलर नंबर 192 की ढलाई करते समय शटरिंग सोमवार रात खुल गई थी। इससे पिलर के लिए भरी जा रही कंक्रीट लीक करने से पिलर की सरिया एक ओर झुककर गिर गई थी।
मंगलवार को सुबह जीडीए वीसी विजय यादव ने निरीक्षण किया। वीसी ने बताया कि प्रथम दृष्टया पिलर के लिए बांधी गई शटरिंग के फर्मे के बोल्ट को सही प्रकार से टाइट न किए जाने से हादसा होने की बात सामने आ रही है।
इस दौरान निर्माण करने वाली कंपनी के प्रतिनिधि ने सुरक्षा के मानकों को अपनाने में समुचित ध्यान नहीं रखा। हालांकि जांच के बाद ही सही कारण का पता चलेगा। टीम यह निष्कर्ष निकालेगी कि यह घटना क्यों हुई, पिलर की नई डिजाइन क्या होगी और ऐसी घटना आगे न हो, इसके लिए क्या उपाय किए जाएं रात ढाई बजे शटरिंग खोलकर काटा गया सरिया हादसे के बाद कर्मचारियों ने रात दो बजे शटरिंग खोलने का काम पूरा किया।
इसके बाद पिलर खड़ा करने के लिए लगाए गए सरिए को भी काटा गया। जीटी रोड की बंद लेन वाहन चालकों के लिए खोली गई।
मजदूर सुरक्षित, आया मामूली फ्रैक्चर
हादसे में घायल दोनों मजदूरों की हालत खतरे से बाहर है। अधिकारियों के मुताबिक एक मजदूर के हाथ में फ्रैक्चर है। दूसरे को रात ही छुट्टी मिल गई थी। जीडीए इनके इलाज का खर्च उठा रहा है।
जानकारों का मत
शटरिंग से पहले मिट्टी को नहीं दबाया गया होगा
सिविल इंजीनियर अजीत सिंह ने बताया कि पिलर खड़ा करने के लिए जब शटरिंग लगाई जाती है तो उस हिस्से को रोल किया जाता है। ताकि मिट्टी अच्छी तरह से बैठ जाए। ऐसा नहीं होने पर जब शटरिंग के बीच कंक्रीट का मसाला भरा जाता है तो मिट्टी उसका वजन सह नहीं पाती और नीचे बैठ जाती है।
इससे कंक्रीट का मसाला नीचे से निकल जाता है और शटरिंग झुकने लगती है।
दो पिलर के सपोर्ट पर बनेगा वायाडक्ट
एलिवेटेड रोड निर्माण में वायाडक्ट को एक पिलर का सपोर्ट दिया जा रहा है, लेकिन हादसे की जगह पर दो पिलर का सपोर्ट दिया जा रहा है। एक पिलर का काम पूरा हो चुका था, जबकि दूसरे पिलर का काम सोमवार को चल रहा था।
आईजीएल लाइन बीच में आने की वजह से दो पिलर के सपोर्ट पर वायाडक्ट रखा जाना था।
रोड का सबसे ऊंचा होगा यह पिलर
जिस पिलर की शटरिंग खुली है, वह एलिवेटेड रोड के सबसे ऊंचे पिलर में से एक है। दरअसल यहां पर एलिवेटेड रोड मेट्रो के ऊपर से गुजरेगी। इसके कारण इस पिलर की ऊंचाई करीब 20 मीटर तक होगी।