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भगवान ने आपकी गोद भरी है, अब बधाई के 2100 रुपये तो बनते हैं

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भगवान ने आपकी गोद भरी है, अब बधाई के 2100 रुपये तो बनते हैं
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गाजियाबाद। भगवान ने तुम्हारी गोद भर दी है। अब बधाई के 2100 रुपये तो बनते हैं। दीदी हम बहुत गरीब हैं, अगर पैसे होते तो हम प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए जाते। इस पर तीमारदार बोले-मेरे पास 200 रुपये हैं, इसमें किराया भी देना है। इस तरह की बातचीत नर्स और प्रसूता के परिजनों के बीच महिला अस्पताल में सुबह 10 से दोपहर एक बजे के बीच होना सामान्य बात है। अस्पताल में प्रसव के बाद बधाई के नाम पर इसी तरह के उगाही का खेल चलता है। कभी कभार स्थिति यहां तक बिगड़ जाती है कि वार्ड में कार्यरत स्टाफ बच्चे देने से भी मना कर देता है और जब तक उगाही के पैसे न मिल जाएं परिजनों को बच्चा नहीं मिलता।
प्रसव के बाद मां और बच्चे की स्थिति सामान्य होने पर अधिकांश तौर पर दिन में सुबह 10 से एक बजे तक अस्पताल से छुट्टी मिलती है। इस दौरान वार्ड में कार्यरत आया, स्टाफ नर्स और सफाई कर्मचारी काम करते हैं। कई बार महिलाएं 200 से 500 रुपये बख्शीश के तौर पर दे देती हैं, लेकिन स्थिति उस समय बिगड़ जाती है जब स्टाफ डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ के नाम ढाई हजार से 2100 रुपये लेने पर जिद करने लगता है। अगर कोई विरोध करता है तो आशा भी लड़ने पर उतारू हो जाती है।
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अस्पताल में प्रसव निशुल्क, पैसे भी मिलते हैं
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत जननी सुरक्षा मद में किसी भी गर्भवती महिला की जांच, इलाज और प्रसव निशुल्क होने के साथ ही मां को पोषक आहार उपलब्ध कराने के लिए नगरीय क्षेत्र में 1400 और ग्रामीण क्षेत्र में एक हजार रुपये मिलते हैं। इसके अलावा पहला बच्चा पैदा होने पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 600 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव के बाद नवजात और मां को एंबुलेंस से निशुल्क छोड़े जाने की व्यवस्था है। अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के नाम पर भी पैसे लेने की कई बार शिकायतें आ चुकी हैं।
2100 रुपये लिए स्टाफ ने
16 को पत्नी को ऑपरेशन से बेटी पैदा हुई थी। वार्ड में बेटी आई तो स्टाफ 2100 रुपये लेने की जिद करने लगा, बाद में 1100 रुपये देने पड़े। बेटी को नर्सरी में रखा था, वहां पर भी 500 रुपये लिए गए।
अशोक चौहान, खोड़ा
सौ-दो सौ रुपये फेंक देते हैं
मेरा दूसरा बच्चा नार्मल पैदा हुआ है। अस्पताल में हर जगह पैसे मांगते हैं। खुशी से 100-200 रुपये दो तो फेंक देते हैं। 1100 रुपये की जिद कर रहे थे। पांच सौ रुपये देना पड़ा था।
ममता, सैन्य विहार
अस्पताल में हरजगह पैसे की लूट
अगर पैसा रहे तो प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी करा ले, लेकिन अस्पताल में हर जगह पैसे की लूट मची रहती है। मेरे पास 300 रुपये थे, वही बड़ी मुश्किल से दिया, 1100 रुपये मांग रही थी।
पूजा, प्रताप विहार
डिस्चार्ज के समय लिए 1100 रुपये
मेरा पहला बच्चा पैदा हुआ। बेटा सास को देने से पहले ही स्टॉफ ने पांच सौ रुपये ले लिया, डिस्चार्ज होते समय भी 1100 रुपये लिया।
विध्यवासिनी पांडेय, आदर्श नगर
मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई
अस्पताल में पूरी व्यवस्था निशुल्क है। मैं स्वयं वार्ड का निरीक्षण करती हूं, लेकिन मुझसे कोई शिकायत नहीं करता है। अगर किसी की शिकायत आती है तो निश्चित रूप से कार्रवाई करूंगी।
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डॉ. संगीता गोयल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला अस्पताल
यह गंभीर मामला, जांच कराएंगे
किसी भी प्रसूता से पैसा लेना गंभीर बात है। इस मामले में सीएमएस से बात करके जांच कराई जाएगी, जो भी स्टाफ आरोपी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
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