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फर्जी खेल संस्थाएं खिलाड़ियों का भविष्य कर रहीं चौपट

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फर्जी खेल संस्थाएं खिलाड़ियों का भविष्य कर रहीं चौपट
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हापुड़। प्रतियोगिताओं के नाम पर जनपद में फर्जी संस्थाओं का खेल शुरू हो गया है। खिलाड़ियों से एंट्री के नाम पर फीस वसूलने के बाद उन्हें सर्टिफिकेट व मेडल दिया जाता है। जिनका मान्यता प्राप्त संस्थाओं से कोई संबंध नहीं होता है। हापुड़ जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन ने खिलाड़ियों को ऐसी ही संस्थाओं से दूर रहने की अपील की है।
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जिला कुश्ती संघ के सचिव व एथलेटिक्स एसोसिएशन के संरक्षक रामकुमार त्यागी ने बताया कि सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। सभी जिलों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने के अलावा अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राजपत्रित अधिकारी बनाने की घोषणा की गई है। जनपद में भी खेल संस्थाएं (उत्तर प्रदेश खेल संघों द्वारा मान्यता प्राप्त) खिलाड़ियों को निखारने के लिए समय-समय पर प्रतियोगिताएं करा रही हैं। लेकिन कुछ संस्थाओं ने खेलों को कमाई का जरिया बना लिया है। जबकि इन्हें उत्तर प्रदेश खेल संघों से कोई मान्यता नहीं मिली है। जिला खोखो संघ के सचिव रविंद्र गुर्जर ने बताया कि प्रतियोगिताएं कराने के नाम पर खिलाड़ियों से एंट्री फीस ली जाती है। उन्हें मेडल व सर्टिफिकेट भी दिया जाता है, जिनकी कोई मान्यता नहीं होती है। खिलाड़ियों को नेपाल ले जाकर उन्हें प्रतियोगिताओं में खिलाया जाता है तथा वहां का सर्टिफिकेट दिलाकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी का दर्जा दे दिया जाता है। लेकिन नौकरी के आवेदन में उस सर्टिफिकेट को कोई मान्यता नहीं मिलती है। इसलिए खिलाड़ियों से अपील है कि वह इस तरह की संस्थाओं से बचें और जिला खेल संघों द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में ही भाग लें।
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