सम्मान न मिला तो यूपी में 200 सीटों पर लड़ेगा जेडीयू : केसी त्यागी
हापुड़। जेडीयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि अगर एनडीए में सम्मान न मिला तो उनकी पार्टी यूपी में 200 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। उन्होंने कहा कि यूपी के 32 जिले बिहार की सीमा से लगे हैं जहां जदयू का प्रभाव है।
जनता दल यू (जेडीयू) नेता केसी त्यागी रविवार को हापुड़ में एक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि यूपी के 32 जिलों के भौगोलिक, सामाजिक व राजनीतिक समीकरण बिहार से मेल खाते हैं। जेडीयू को अगर एनडीए ने सम्मानजनक सीटेें नहीं दीं तो इन समीकरणों के आधार पर उनकी पार्टी चुनाव में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी 200 सीटों पर प्रत्याशियों को पार्टी सिंबल देगी। अधिकांश प्रत्याशी बिहार से सटे जिलों में उतारे जाएंगे। उन्होंने केंद्र एवं यूपी सरकार को सुझाव, आग्रह व चेतावनी देते हुए कहा कि चुनाव से पहले किसानों की पाई-पाई का हिसाब होना चाहिए। किसानों को उनकी उपज का दाम दिलाने के लिए रंगराजन फार्मूले की पैरवी करते हुए त्यागी ने कहा कि सरकार की नीति गन्ना किसानों के हित में नहीं है। सरकार विज्ञापनों पर मोटा खर्चा कर रही है। अगर इसके एवज में किसानों का भुगतान करने पर जोर दिया जाए तो देश के किसानों की स्थिति बेहतर होगी। केसी त्यागी ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण पर सरकार के साथ सभी को सामूहिक रूप से विचार करने की आवश्यकता है। विश्वव्यापी जनसंख्या विस्फोट पर विश्व खाद्य संगठन भी चिंता जता चुका है। संवाद
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तीन कृषि कानूनों पर गतिरोध का मानसून सत्र में समाधान निकाले सरकार
जनता दल यू (जेडीयू) के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि तीन कृषि कानूनों पर किसानों व सरकार के बीच गतिरोध को मानसून सत्र में खत्म किया जाना चाहिए। देश के 52 फीसदी किसान कर्ज में दबे हैं। सरकार को तत्काल इसका समाधान करना चाहिए। केसी त्यागी रविवार को हापुड़ के पूठा हुसैनपुर स्थित असौड़ा वालों के बाग में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानून लागू करने के पहले किसानों से चर्चा नहीं की गई। सरकार किसानों से वार्ता को तैयार है, लेकिन तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने से इंकार करती है। इस कारण किसानों और सरकार के बीच गतिरोध की स्थिति है। उन्होंने कहा कि किसान की आमदनी नगर निकाय के एक कर्मचारी से भी कम है। देश के 52 प्रतिशत किसानों पर कर्ज को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
केसी त्यागी ने कहा कि डीजल के दाम 25-30 रुपये तक बढ़ गए हैं। खाद, पानी, बिजली, यूरिया आदि के दामों में भी बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन किसानों की आय नहीं बढ़ी है। एमएस स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट भी ठीक प्रकार से लागू नहीं हो पाई है। पिछले काफी समय से सीएसीपी (एमएसपी निर्धारित करने वाला निकाय) को संभालने वाला पद भी खाली चल रहा है। बैठक के बाद उन्होंने हापुड़ आर्गेनिक फार्म का भी दौरा किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र त्यागी, मनोज त्यागी, अमरीष त्यागी, चौधरी कृपाल सिंह, मदन सैनी, नरेंद्र त्यागी, उपेंद्र सोम, प्रदीप सुंदर नारायण सिंह त्यागी, आशीष सिंह त्यागी, अजयवंश नारायण, सुलकी नारायण त्यागी, अमर सिंह, योगेश त्यागी आदि रहे।