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गाजियाबादः फर्जी जज और दारोगा बनकर महिला से ठगे 13 लाख

Thu, 06 Feb 2020 11:54 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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arrest - फोटो : अमर उजाला
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फर्जी जज और दरोगा बनकर विधवा से 13 लाख रुपये ठगने वाले तीन आरोपियों को विजयनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़िता की बेटी का केस कड़कड़डूमा कोर्ट में डालकर उसके ससुरालियों को सजा दिलाने का झांसा दिया था।

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शक होने पर पीड़िता ने थाने में शिकायत दी तो फर्जीवाड़ा खुल गया। पुलिस के मुताबिक 12वीं पास युवक जज और 10वीं पास युवक दरोगा बनकर वॉइस चेजिंग एप के जरिये बात करते थे।

विजयनगर थानाक्षेत्र के भीमनगर में रहने वाली सुनीता देवी का कहना है कि उनके पति देवराज सिंह की मौत हो चुकी है। परिवार में 5 बेटियां व एक बेटा है। उन्होंने अपनी बड़ी बेटी की शादी दिसंबर 2018 में शाहपुर बम्हैटा निवासी युवक से की थी।
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शादी के बाद से ही सससुराल पक्ष के लोग उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे थे। शादी के 11 दिन बाद ही उनकी बेटी को मायके में छोड़कर चले गए। उन्होंने महिला थाने में तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

इसी बीच पड़ोस में रहने वाले अविनाश, अजय और लक्की ने उन्हें कड़कड़डूमा में कोर्ट में केस डालने की बात कही. और झांसा दिया कि वहां दो-तीन महीनों में ही ससुरालियों को जेल हो जाएगी।

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फर्जी केस और वसूली का खेल शुरू

सुनीता देवी का कहना है कि उक्त लोगों ने उनसे कोर्ट में मुकदमा डाल देने की बात कहकर वसूली शुरू कर दी। सबसे पहले पुलिस के नाम पर 50 हजार रुपये मांगे। इसके बाद कभी मुकदमे की पैरवी, कभी पुलिस या कभी जज को देने के नाम पर मोटी रकम ऐंठनी शुरू कर दी। पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने छह माह में उनसे 13 लाख रुपये ऐंठ लिए।

जमीन बिकवा दी, मकान गिरवी रखवा दिया
पीड़िता का कहना है कि लाखों रुपये देने के बाद जरिया नहीं बचा तो उन्होंने पैसे देने से इन्कार कर दिया। इस पर आरोपियों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया कि मुकदमा अंतिम दौर में है। पुलिस व जज को पैसे नहीं दिए तो फैसला उनके खिलाफ भी आ सकता है। सुनीता देवी के मुताबिक डर के चलते उन्होंने अपना मकान गिरवी रखकर आरोपियों को 4 लाख रुपये दिए। इसके अलावा पति के नाम जो जमीन थी वह भी बेच दी।

प्रयागराज से पत्र मंगाने के नाम पर 2 लाख मांगे तो हुआ शक
सुनीता देवी का कहना है कि 13 लाख रुपये जाने के बाद उन्होंने केस के बारे में पूछा तो आरोपियों ने प्रयागराज से पत्र मंगाने की बात कहकर दो लाख रुपये और मांगे। कड़कड़डूमा कोर्ट में चल रहे मामले का प्रयागराज हाईकोर्ट से लैटर आने की बात पर उन्हें शक हुआ। जिसके बाद उन्होंने शिकायत की। पुलिस ने खोजबीन की तो फर्जीवाड़ा खुल गया।

केस न कोई सुनवाई, सब फर्जी निकला
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पता चला कि कोई मुकदमा कोर्ट में डाला ही नहीं गया है। आरोपी एकराय होकर विधवा महिला व उनके परिवार से रकम ऐंठ रहे थे। इसके बाद पुलिस ने आकाश उर्फ अविनाश निवासी फिरोजपुर थाना स्याना बुलंदशहर, लक्की उसका भाई अजय निवासीगण सिलोरा थाना गढ़, जिला हापुड़ को गिरफ्तार किया गया है। लकी व अजय वर्तमान में विजयनगर के भीम नगर में रहते हैं, जबकि आकाश शिवपुरी में रहता है।

वॉइस चेजिंग एप से कभी जज तो कभी दरोगा बनते थे
एसएचओ नागेंद्र चौबे ने बताया कि आकाश और लकी 12वीं पास हैं जबकि अजय 10वीं पास है। आकाश जज बनकर और अजय दरोगा बनकर बात करता था। आवाज पहचानने में न आए, इसके लिए आरोपी वॉइस चेजिंग एप का इस्तेमाल करते थे। लक्की का काम सिर्फ घर से पैसे लेकर जाने का था।

आकाश की बहन व जीजा भी मुकदमे में नामजद
एसएचओ ने बताया कि जिस सिम से आरोपी जज व दरोगा बनकर बात करते थे, वह आकाश की बहन पूजा निवासी मवई सेक्टर-9 शिवपुरी के नाम पर था। पीड़िता सुनीता ने आकाश की बहन व जीजा ब्रिजेश को भी नामजद किया है। दोनों के नाम भी मुकदमे में शामिल कर उनकी भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है।

‘मेरा तो सब कुछ बर्बाद कर दिया’
सुनीता देवी का कहना है कि पति की मौत के बाद पूरे परिवार का जिम्मा उन पर आ गया। बेटी की शादी की तो ससुरालियों ने नहीं रखा। इसके बाद उक्त आरोपियों ने मुकदमे के नाम पर उनसे 13 लाख रुपये ठग लिए। जमीन बेचनी पड़ी और मकान भी गिरवी रख दिया। आरोपियों ने उनका सब कुछ बर्बाद कर दिया। पीड़िता का कहना है कि बड़ी बेटी की नौकरी से परिवार को दो वक्त की रोटी मिल रही है।

मौज-मस्ती में खर्च कर दी रकम, पहली बार गए जेल
एसएचओ नागेंद्र चौबे का कहना है कि आरोपियों ने महिला से ऐंठी गई रकम मौज-मस्ती में खर्च कर दी। आरोपी बाहर घूमने भी गए। आरोपियों पर पहले कोई केस दर्ज नहीं है और पहली बार जालसाजी करने में ही पकड़े गए। गिरफ्तार हुए तीनों आरोपी प्राइवेट काम करते थे।
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