आधी अधूरी तैयारियों के बीच एक अप्रैल से तहसील क्षेत्र में सरकारी गेहूं क्रय केंद्र खुल गए। इन केंद्रों पर किसानों से गेहूं खरीद के पुख्ता इंतजाम अभी तक नहीं किए गए हैं। फाइनेंसियल ईयर के चलते अफसर और कर्मचारी फाइलें निपटाने में लगे हैं। 15 अप्रैल तक क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक होने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश सरकार ने पहली अप्रैल से प्रदेश भर में सरकारी व साधन सहकारी समितियों पर स्थापित गेहूं क्रय केंद्रों पर सरकारी समर्थन मूल्य 1450 प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की खरीददारी की घोषणा की है।
तहसील क्षेत्र में मोदीनगर के ब्लाक भोजपुर के अलावा बिसोखर साधन सहकारी समिति व सैदपुर साधन सहकारी समिति, मुरादनगर में रावली रोड़ पर अनाज मंडी में सरकारी गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। लेकिन इन केंद्रों पर किसानों से गेहूं खरीद के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है।
गर्मी के चलते न तो केंद्रों पर टेंट ही लगाए गए हैं और न ही गेहूं को बारिश से बचाने को उपाय किए हैं। किसानों के लिए पीने के लिए पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। केंद्रों पर पिछले साल के मिट्टी के घडे़ रखे हैं। भोजपुर स्थित गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी सत्यप्रिय सिरोहा ने बताया कि इंतजाम सब होंगे, मगर अभी तक गेहूं की कटाई भी शुरू नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल फाइनेंसियल ईयर समाप्त होने के चलते फाइलों का काम निपटाया जा रहा। चार पांच दिन में यह काम निपट जाएगा । उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि क्रय केंद्रों पर 15 अप्रैल के बाद ही गेहूं की आवक शुरू होगी।