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Ghaziabad News: हीरा नंदानी समूह की डाटा सेंटर बनाने वाली फर्म में पकड़ी गई 33 करोड़ की जीएसटी चोरी

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गाजियाबाद। हीरानंदानी समूह की डाटा सेंटर बनाने और डाटा सेंटर की सेवाएं देने वाली फर्म में राज्यकर विभाग के जोन-एक की टीम ने 33 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी है। गाजियाबाद में यह अब तक की सबसे बड़ी टैक्स चोरी है जिसका खुलासा जीएसटी टीम ने किया है। मोदीनगर में पंजीकृत फर्म के नोएडा स्थित कार्यालय पर छापामारी कर माल के आवागमन के रिकॉर्ड वाले रजिस्टर समेत कई अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। जीएसटी चोरी पकड़े जाने के बाद जीएसटी अधिकारियों ने फर्म संचालक से तत्काल 33 करोड़ की रकम सरकार के खाते में जमा करा लिए हैं। अब विस्तृत जांच की जाएगी।
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राज्यकर विभाग के जोन-एक की अपर आयुक्त (एसआईबी) सरिता सिंह ने बताया कि डाटा सेंटर बनाने वाली इस फर्म की ओर से दाखिल की गई जीएसटी रिटर्न के आंकड़ों का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सॉफ्टवेयर के जरिए परीक्षण कराया गया। इसमें पाया गया कि फर्म की ओर से कई ई-वे बिल निरस्त किए गए। कई अनियमितताएं मिलने की पुष्टि होने के बाद अपर आयुक्त ग्रेड-1 गोविंद सिंह बुधियाल ने वरिष्ठ अधिकारियों की टीम का गठन किया गया। विशेष अनुसंधान शाखा के उपायुक्त दीपांकर, संजय कुमार आर्य, देवेंद्र सिंह, सहायक आयुक्त वंदना सिंह, रविकांत, पीयूष, रोहित कुमार, आशु त्यागी और नोएडा के सहायक आयुक्त अजय कुमार श्रीवास समेत कई राज्यकर धिकारियों को टीम में शामिल किया गया। 10 अधिकारियों की टीम ने फर्म के नोएडा कार्यालय पर छापामार कार्रवाई की। अपर आयुक्त सरिता सिंह ने बताया कि फर्म ने ऐसी खरीद पर भी आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) क्लेम ले लिया था, जिनमें वह अधिकृत नहीं थी। प्रारंभिक जांच में 33 करोड़ की जीएसटी चोरी पाई गई हैं। इसकी रकम जमा करा ली गई है। अधिकारियों का कहना है कि उम्मीद है कि अभी और टैक्स चोरी के सुबूत मिल सकते हैं।
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बिल्डिंग के लिए खरीदे गए मेटेरियल पर भी ले लिया क्लेम
जीएसटी की टीम ने दो वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 के दस्तावेजों की पड़ताल में यह टैक्स चोरी पकड़ी है। अपर आयुक्त (एसआईबी) ने बताया कि बिल्डिंग निर्माण के लिए खरीदे गए सीमेंट, सरिया आदि, कार्यालय में लगाए गए एयर कंडिशन सिस्टम, पाइप फिटिंग, ट्रांसफार्मर खरीद पर भी आईटीसी क्लेम ले लिया गया था जबकि जो वस्तु व्यापार में डायरेक्ट इस्तेमाल नहीं की जा रही है, उस पर फर्म की ओर से आईटीसी क्लेम नहीं लिया जा सकता है।
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वीडियो कांफ्रेस से प्रबंधन से रूबरू हुए जीएसटी अधिकारी
जांच-पड़ताल के बाद जीएसटी टीम के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेस से कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने टैक्स चोरी की रकम की जानकारी दी। लंबी बैठक के बाद कंपनी ने टैक्स चोरी की 33 करोड़ की रकम जमा कराई।
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पहले भी पकड़ी गई जीएसटी की बड़ी चोरी
- दिसंबर 2023 में राज्यकर विभाग ने राठी स्टील कंपनी में 9 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी।
- जनवरी 2024 में ट्रॉनिका सिटी की एक लेडीज गारमेंट बनाने वाली फर्म में एक करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी।
- दिसंबर 2023 में जोन-दो की दो स्टील फर्माें में 1.57 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी गई।
- फरवरी 2023 में गाजियाबाद की टीम ने बुलंदशहर में तीन फर्माें में 30.59 करोड़ की चोरी पकड़ी।
- जनवरी 2024 में सीजीएसटी की टीम ने ट्रांसपोर्ट कंपनी पर छापामार कर पान मसाला बरामद कर 8 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी।
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