जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि भवनों के लिए आवेदन आने के बाद उनकी पात्रता की जांच कराई जाएगी। लॉटरी के माध्यम से भवनों का आवंटन किया जाएगा। इन भवनों को वही ले सकते हैं जो गाजियाबाद के निवासी हों। फार्म के साथ आय और निवास प्रमाणपत्र लगाना अनिवार्य होगा। करीब दो साल में भवन बनकर तैयार होंगे। तीन लाख तक की वार्षिक आय वाले ही इस फार्म को भर सकते हैं।
पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए हैं 3496 फ्लैट
शहर में पीएम आवास योजना के तहत डासना, नूरनगर, प्रताप विहार, निवाड़ी और मधुबन-बापूधाम योजना में कुल 3496 ई-डब्ल्यूएस फ्लैट बनाए गए हैं। ज्यादातर फ्लैटों का आवंटन भी किया जा चुका है। आवंटन के बाद भी ज्यादातर फ्लैट खाली हैं। इसकी वजह है मूलभूत सुविधाओं का अभाव। मधुबन-बापूधाम योजना में आवंटी विनोद कुमार का कहना है कि अभी तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है।
पेयजल सुविधाओं के अभाव में लोग यहां नहीं रह रहे हैं। वहीं जीडीए के सहायक अभियंता रुद्रेश शुक्ला का कहना है कि बिजली की लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए आवासों तक पेयजल लाइन के लिए टेंडर निकाले जा चुके हैं। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।