मुख्य अभियंता निर्माण एनके चौधरी ने बताया कि शहरभर में स्पीड लिमिट के बोर्ड लगाए जा रहे हैं ताकि लोग नियमों से पहले अवगत हों और रफ्तार पर नियंत्रण रख सकें। इससे हादसों की संख्या में कमी होगी साथ ही शहर में जाम की स्थिति को भी कंट्रोल किया जा सकेगा।
शहर के सभी 17 प्रवेश और निकास द्वारों पर उन्नत कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा 41 प्रमुख चौराहों और तिराहों पर भी हाई-टेक कैमरों की स्थापना जारी है। ये कैमरे न सिर्फ रेड लाइट जंप करने वालों को पकड़ेंगे बल्कि ओवर स्पीडिंग, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन और फेस रिकग्निशन जैसी सुविधाओं से भी लैस होंगे। स्पीड लिमिट का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सिस्टम के माध्यम से स्वत: चालान जारी होंगे। यानी एक बार कैमरे में कैद होने के बाद जुर्माने से बचना संभव नहीं होगा।