शहर की हवा बेहद खतरनाक श्रेणी में पहुंची, बच्चे, बुजुर्ग न निकलें घर से
साहिबाबाद। दिसंबर के 23 दिनों में बृहस्पतिवार को शहर की हवा बेहद खतरनाक श्रेणी में पहुंच गई। प्रदूषण का स्तर 400 के आंकड़े को पार कर गया। एक बार फिर लोगों की सांसों पर संकट आ गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स की यह स्थिति अगले दो दिन तक बनी रहेगी। ऐसे में उन्होंने बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के अलावा अस्थमा के मरीजों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
शहर का 411 एक्यूआई होने पर यहां पीएम 2.5 मानक से साढ़े चार गुना ज्यादा रहा। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि प्रदूषण का यह स्तर अगले दो दिन तक बना रहेगा। क्योंकि हवा की रफ्तार बेहद कम स्तर पर पहुंच गई है। जिसमें वायुमंडल में घुल रहे धूल और मिट्टी के कणों को नीचे गिराने के लिए न्यूनतम 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से हवा की जरूरत होती है। इन दिनों एक से दो किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चल रही है। उन्होंने संभावना व्यक्त की है कि मौसम विभाग की तरफ से मिले संकेत में हवा की गति 26 दिसंबर से बढ़ सकती है। बृहस्पतिवार को भी 436 एक्यूआई के साथ सबसे अधिक प्रदूषित लोनी रहा। वहीं इंदिरापुरम में 408, वसुंधरा में 402 और संजय नगर में एक्यूआई 399 रहा।
सिर्फ 11 दिन मिली हल्की राहत
प्रदूषण के आंकड़ों को देखें तो दिसंबर में अभी तक सिर्फ 11 दिन ही शहर के लोगों को प्रदूषण के रेड जोन से राहत मिली है। जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक ऑरेंज जोन में 19 दिसंबर को 228 पर सबसे कम रिकॉर्ड किया गया था। जबकि इससे पहले आठ दिसंबर को प्रदूषण का स्तर 229 पर मापा गया था। हालांकि ऑरेंज जोन भी लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है। फिलहाल अधिकारी अगले दो दिन तक लोगों को सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं।
निर्माण से पाबंदियां हटाने को भी माना जा रहा कारण
सोमवार से तमाम तरह के निर्माण पर पाबंदियां हटा ली गई हैं। लोगों के बीच चर्चा रही कि निर्माण चालू होने से प्रदूषण और बढ़ रहा है। दूसरी तरफ पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने का कारण सिर्फ मौसम है। बता दें कि सोमवार से ही शहर रेड जोन में बना हुआ है, बृहस्पतिवार को शहर डार्क रेड जोन में पहुंच गया। बृहस्पतिवार को साहिबाबाद सब्जी मंडी के सामने कर्मचारियों ने सड़क और ग्रीन बेल्ट में मशीन से छिड़काव किया।