प्रदूषण ने कम किया रावण का कद
वैशाली। प्रदूषण ने इस बार रावण का कद कम कर दिया है। रामलीला समितियों की ओर से इस बार महज 20 से 25 फुट का रावण तैयार किया जा रहा है, जो पिछले वर्षों के मुकाबले आधे से भी कम है। आयोजकों का कहना है कि इस बार प्रदूषण को देखते हुए आतिशबाजी भी कम की जाएगी।
कोविड की वजह से गत वर्ष रामलीला का मंचन भी नहीं हुआ था। इस बार रामलीला का मंचन वैशाली सेक्टर-2 और बृजविहार सी ब्लॉक में किया जा रहा है। शुक्रवार को रामलीला के समापन के साथ ही रावण का पुतला दहन होगा। शहर में बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए समितियों ने इस बार कम ऊंचाई के पुतले तैयार कराए हैं। वैशाली सेक्टर-2 श्री दुर्गा रामलीला समिति के पदाधिकारी दिनेश लखेड़ा ने बताया कि इस बार केवल रावण का ही पुतला दहन किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष रावण के साथ मेघनाथ एवं कुंभकर्ण का पुतला भी दहन किया जाता था। दिनेश लखेड़ा ने बताया कि रावण का पुतला इस बार महज 25 फुट का ही बनाया गया है। रामलीला हो रही है ऐसे में दहन जरूरी था, लेकिन अपने स्तर से समिति ने प्रयास किया है कि कम से कम आतिशबाजी हो। पिछले वर्षों में 50 से 60 फुट के पुतले तैयार किए जाते रहे हैं। वहीं, बृजविहार में श्री सांस्कृतिक कला संगम की ओर से चल रही रामलीला में रावण के साथ मेघनाथ एवं कुंभकर्ण का पुतला दहन तो होगा लेकिन यहां भी पुतलों की ऊंचाई 15 से 20 फुट ही है। समिति पदाधिकारी भूपेश ने बताया कि परंपरा को निभाते हुए तीनों पुतले तैयार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुतलों को जलाने के लिए ग्रीन पटाखे का प्रयोग किया जाएगा। पुतलों को शुक्रवार की दोपहर को ही मैदान में खड़ा किया जाएगा।