गन्ने का रेट 425 रुपये से एक पाई भी कम मंजूर नहीं : राकेश टिकैत
साहिबाबाद। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत भाकियू नेता राकेश टिकैत शनिवार को प्रदेश सरकार पर हमलावर हुए। उन्होंने कहा कि अन्नदाता को यूपी में गन्ने का रेट सवा चार सौ रुपये से कम मंजूर नहीं होगा। जबकि सरकार ने चुनाव के समय 370 रुपये प्रति क्विंटल दाम करने का वादा किया था। उन्होंने सूबे की सरकार के खिलाफ मोर्चा बंदी करने की बात कही है। इधर, यूपी गेट पर किसानों के बीच भारत बंद को लेकर भी रणनीति बनी। गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने भी देश के किसान और तमाम संगठनों से भारत बंद को सफल बनाने की अपील की।
यूपी गेट पर किसान पिछले दस महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश सरकार ध्यान से सुने, किसानों को गन्ने का रेट सवा चार सौ रुपये क्विंटल से एक पाई कम मंजूर नहीं होगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो जहां केंद्र सरकार से कृषि कानून और एमएसपी की गारंटी के लिए लड़ाई चल रही है। उसी तरह प्रदेश सरकार के खिलाफ भी मोर्चा बंदी होगी। उन्होंने कहा कि चुनावी घोषणा-पत्र में गन्ने का रेट 370 रुपये प्रति क्विंटल करने का वादा किया था। लेकिन साढ़े चार साल में महंगाई का भी हिसाब नहीं रहा। उन्होंने देसी अंदाज में कहा कि किसान पूरा हिसाब जोड़े बैठा है। किसी भी हाल में सवा चार सौ रुपये से कम रेट पर वह मानने वाला नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि सुनने में आ रहा है कि सरकार गन्ने का रेट बढ़ाने की कवायद में जुटी है। यह अच्छी बात है, लेकिन इस बार हिसाब पक्का होगा। किसान को बरगलाने का प्रयास हुआ तो प्रदेशभर में जबरदस्त आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने गन्ने का बकाया भुगतान, किसान के लिए बिजली के रेट कम करने, पशुओं से फसल नुकसान का मुद्दा भी उठाया। किसानों ने 14 दिन में गन्ना भुगतान कराने का वादा भी सरकार को याद दिलाया। इतना ही नहीं, सरकार ट्यूबवेल के लिए 170 रुपये प्रति हॉर्स पावर की दर से बिजली दे रही है, जबकि हरियाणा में 15 रुपये प्रति हॉर्स पावर के रेट हैं। पंजाब में तो किसानों के लिए बिजली फ्री में देने की घोषणा हो चुकी है। बकाया बिजली बिल भी माफ होंगे। लेकिन यूपी में रेट बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पूर्व में बसपा सरकार ने गन्ने के रेट 115 रुपये का इजाफा किया था। जबकि सपा सरकार में रेट 65 रुपये बढ़ाए गए थे।