डेंटिस्ट से प्रशासनिक अफसर बनीं अपाला, हासिल की 9वीं रैंक
वसुंधरा। वसुंधरा सेक्टर-5 स्थित ऑलिव काउंटी निवासी डॉ. अपाला मिश्रा ने यूपीएसई सिविल सर्विसेज परीक्षा-2020 में देशभर में 9वीं रैंक हासिल की है। पेशे से डेंटिस्ट अपाला प्रैक्टिस करने की जगह सिविल सर्विस की तैयारी में जुट गईं। तीसरे प्रयास में उन्होंने सफलता प्राप्त की। परिवार में सेना और पढ़ाई का माहौल अपाला के लिए सहायक सिद्ध हुआ। समाज में कुछ बेहतर करने की चाहत ने अपाला को प्रशासनिक अफसर बना दिया।
मूलरूप से बस्ती जिले की निवासी डॉ. अपाला सैनिक परिवार से जुड़ी हैं। पिता अमिताभ मिश्रा सेना में कर्नल की पोस्ट से रिटायर्ड हैं और भाई अभिलेेख मिश्रा मेजर हैं। मां डॉ. अल्पना मिश्रा दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में हिंदी विभाग में प्रोफेसर हैं। अपाला ने दसवीं देहरादून और 11वीं व 12वीं रोहिणी दिल्ली से की। डॉ. अपाला ने आर्मी कॉलेज से बीडीएस की। वह समाज में कुछ बेहतर करना चाहती थीं। इसलिए प्रशासनिक अफसर बनने की ठान ली। डॉ. अपाला कहती हैं कि मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रैक्टिस की जगह उन्होंने 2018 में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में बैठने का फैसला लिया। पेपर देने के बाद तय किया कि वह इस परीक्षा को पास कर सकती हैं। शुरू में कुछ दिन कोचिंग ली। बाद में सेल्फ स्टडी की। पहले और दूसरे प्रयास में वह सफल नहीं हो सकीं, लेकिन उन्होंने अपना हौसला कम नहीं होने दिया। डॉ. अपाला ने बताया कि उनकी सफलता की कुंजी उनकी कड़ी मेहनत और टाइम मैनेजमेंट रहा। घर पर ही रहकर सेल्फ स्टडी करते हुए दिन में सात से आठ घंटे की पढ़ाई की और सफलता हासिल की।
इंटरव्यू में पहनी सिल्क की साड़ी तो सिल्क पर पूछे सवाल
डॉ. अपाला कहती हैं कि इंटरव्यू के दौरान कई सवाल पूछे गए लेकिन सबसे रोचक तब लगा जब उनकी साड़ी पर सवाल किया गया। दरअसल वह सिल्क की साड़ी पहनकर साक्षात्कार देने गई थीं। ऐसे में सिल्क की साड़ी के बारे में जानकारी ली गई कि चंदेरी सिल्क और साउथ सिल्क में क्या अंतर होता है। सिल्क की साड़ी किन राज्यों में बनाई जाती है। इस तरह के सवालों पर कम से कम पांच मिनट चर्चा हुई जो डॉ. अपाला को इंटरव्यू का रोचक सेशन था।
इंटरव्यू से एक महीने पहले डिलीट किए सोशल मीडिया अकाउंट
तैयारी के दौरान सोशल मीडिया के प्रयोग के सवाल पर डॉ. अपाला का कहना है कि किसी की भी अति बुरी होती है ऐसे में मैंने सोशल मीडिया का प्रयोग उतना ही किया जितना जरूरी है। तैयारी के दौरान कभी-कभी वह सोशल मीडिया पर एक्टिव रहीं। हालांकि साक्षात्कार से एक माह पूर्व उन्होंने अपने सभी सोशल अकाउंट डिलीट कर दिए और अपनी पूरी एकाग्रता तैयारी पर लगाई।