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झुग्गी में रहने वाले बच्चे थे गिरोह के निशाने पर

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झुग्गी में रहने वाले बच्चे थे गिरोह के निशाने पर
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साहिबाबाद। अलीगढ़ पुलिस द्वारा पकड़ा गया बच्चा चोरी गिरोह बेहद शातिर है। पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना दुर्योधन है। वह साथियों के साथ मिलकर झुग्गियों में रहने वाले बच्चों को ही चोरी करता था। इसके बाद उन्हें बड़े घरों में बेचता था। आरोपी का मानना था कि झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले ज्यादातर शिकायत नहीं करते। इससे उनके पकड़े जाने का खतरा नहीं था।
गाजियाबाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी ओपी सिंह का कहना है कि साहिबाबाद थाना क्षेत्र के हज हाउस के पास झुग्गी में रहने वाले आजम और आरव को दुर्योधन ने अनिल और शुभम के साथ मिलकर चोरी किया था। वह बाइक पर दोनों बच्चों को चोरी कर ले गए थे। आजम को अलीगढ़ में 5.20 लाख में बेचा था। दो माह तक आजम को महिलाओं ने अपने ही पास रखकर निसंतान परिवार की तलाश की थी। वहीं, आरव को संगीता और सोनिया के माध्यम से दादरी निवासी रजनीश के परिवार को बेचा था। अलीगढ़ पुलिस के माध्यम से यह जानकारी मिली थी कि गाजियाबाद की एक बच्ची को भी दुर्योधन ने चोरी किया था। लेकिन उसके बारे में जानकारी और उसका पता तस्दीक नहीं हो सका है। प्रभारी ओपी सिंह का कहना है कि पुलिस दुर्योधन को पीसीआर पर लेकर पूछताछ करेगी। जिससे यह जानकारी की जा सके कि आरोपियों ने और कितने बच्चों को गाजियाबाद क्षेत्र से चोरी कर कहां-कहां पर बेचा है।
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पांचों आरोपियों को साहिबाबाद पुलिस ने भेजा जेल
सीओ साहिबाबाद आलोक दुबे ने बताया कि दुर्योधन निवासी गांधी पार्क अलीगढ़ ने आरब को चोरी कर सोनिया निवासी चिरंजी लाल कॉलोनी बिसहैड़ा रोड दादरी निवासी गौतमबुद्धनगर और संगीता निवासी छपरौला थाना बिसरख गौतमबुद्धनगर के माध्यम से रजनीश उसकी पत्नी कविता और रिश्तेदार राकेश निवासी सूरज विहार कालोनी बिसहैड़ा रोड दादरी गौतमबुद्धनगर को दो लाख रुपये में बेचा था। पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में अभी तक अन्य बच्चों को जानकारी नहीं मिल सकी है।
इकलौता बेटा पाकर भर आईं परिजनों की आंखें
आरब के मिलने की सूचना पुलिस ने मंगलवार शाम को संजू को दी। परिजनों को गायब हुई इकलौते बेटे के मिलने की जानकारी मिलते ही मानो उनकी खुशियां लौट आई। परिजन साहिबाबाद थाने पहुंचे। बेटे को देखकर उनकी आंखें भर आईं। वह बच्चे को लेकर रोने लगे। पिता संजू का कहना है कि उन्हें सारी खुशियां मिल गईं। बुधवार सुबह पुलिस ने बच्चे को परिजनों को सुपुर्द कर दिया। परिजन बच्चे को लेकर घर पहुंच गए।
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बेटे की तलाश में पैदल ही निकल पड़ा था परिवार
मूलरूप से कानपुर के रहने वाले संजू पत्नी, बेटी आरोही और बेटे आरव के साथ साहिबाबाद के हिंडन हज हाउस के पास झुग्गी में रहते हैं। वह सड़क किनारे चटाई बेचकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास ज्यादा रुपये नहीं थे। कुछ दिन तक तो वह रिश्तेदारों के साथ ऑटो में बेटे की तलाश कर रहे थे। लेकिन बाद में उन्होंने पैदल ही बेटे की तस्वीर लेकर गली-गली में तलाश की। स्टेशन, बस अड्डे, आश्रम, सभी जगह पर तलाश किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। बच्चे के गायब होने पर पूरा परिवार तनाव में था।
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