कांवड़ यात्रा के मद्देनजर दिल्ली-मेरठ रोड (एनएच-58) मेरठ के बाद अब गाजियाबाद में भी वन-वे कर दिया गया है। गाजियाबाद की सीमा में वन-वे शुक्रवार से किया जाना था, लेकिन कांवड़ियों की संख्या एकाएक बढ़ जाने के कारण बृहस्पतिवार से ही इसे लागू कर दिया गया।
वहीं, मेरठ रोड पर रोडवेज बसों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब बसें डायवर्जन प्लान के तहत अपने गंतव्यों तक पहुंचेंगी। आईजी व कमिश्नर 29 व 30 जुलाई को गाजियाबाद में हवाई पर्यवेक्षण करेंगे।
गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर एनएच-58 व नगर में वाहनों का डायवर्जन प्लान जारी किया गया था। इसके तहत 22 जुलाई से ही भारी वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया गया था। इसी कड़ी में मेरठ रोड को वन-वे करते हुए 25 जुलाई से रोडवेज बसों तथा हल्के वाहनों को भी डायवर्ट करना था।
हालांकि, गाजियाबाद की सीमा में कांवड़ियों का प्रवेश न होने पर इस फैसले को एक-दो दिन टालने का फैसला लिया था। लेकिन बुधवार रात से कांवडियों की संख्या एकाएक बढ़ने के चलते बृहस्पतिवार से ही गाजियाबाद की सीमा में भी एनएच-58 वन-वे कर दिया गया।
एक ही लेन चालू, हल्के वाहन भी होंगे बंद
गाजियाबाद-मेरठ के बीच आवागमन के लिए एक ही लेन निर्धारित की गई है। कांवड़ियों की संख्या बढ़ने पर दोनों लेन पर ही हल्के-भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया जाएगा। सिर्फ अनिवार्य सेवा तथा पास धारक वाहन ही चल सकेंगे। 31 जुलाई तक मुरादनगर पाइप लाइन व टीला मोड लोनी के बीच आवागमन बंद कर दिया गया है।
एनएच-58 और जीटी रोड पर भीषण जाम
डायवर्जन के चलते वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण जीटी रोड पर जाम का झाम बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। दोपहर के वक्त करीब दो घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर से लालकुआं तक सबसे बुरी स्थिति रही। हालांकि, बाद में ट्रैफिक व थाना पुलिस ने मशक्कत कर यातायात सुचारु कराया। इसी तरह मेरठ रोड पर एक ही लेन चालू होने के कारण राजनगर एक्सटेंशन से मोदीनगर के बीच जाम की स्थिति बनी रही। तीन स्थानों पर लोगों को भीषण जाम से जूझना पड़ा।
रेंज में कांवड़ियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों से कांवड़ मार्ग की निगरानी की जा रही है। मैं और कमिश्नर 29 व 30 जुलाई को गाजियाबाद में हेलीकॉप्टर से हवाई पर्यवेक्षण करेंगे।
- आलोक कुमार सिंह, आईजी