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लिंटर की एक फुट ऊंचाई बढ़ाने पर विवाद, कमरे न बन पाए तो गैलरी में पढ़ रहे बच्चे

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लिंटर की ऊंचाई पर विवाद, क्लासरूम न बन पाने से गैलरी में पढ़ रहे बच्चे
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गाजियाबाद। कैला भट्ठा में प्राइमरी स्कूल के निर्माणाधीन कमरे के लिंटर की ऊंचाई एक फुट बढ़ाने पर विवाद खड़ा हो गया। स्कूल में बने पुराने कमरे को तोड़कर बनाए गए नए कमरे के लिंटर की ऊंचाई दो अन्य कमरों से करीब एक फुट ज्यादा तय कर दी गई है। एक स्थानीय व्यक्ति ने इस पर आपत्ति जताकर महापौर, नगरायुक्त से शिकायत कर निर्माण रुकवा दिया। करीब एक माह से सेटरिंग लगने के बावजूद कमरे का लिंटर अभी तक नहीं डल पाया है। इसकी वजह से कमरों का निर्माण पूरा न होने पर बच्चों को गैलरी में फर्श पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है।
कैला भट्ठा स्थित प्राइमरी स्कूल में पूर्व में सिर्फ एक कमरा था, वह भी जर्जर हो चुका था। क्षेत्रीय पार्षद जाकिर सैफी ने नगर निगम की कायाकल्प योजना के तहत इस स्कूल में दो अन्य कमरों का निर्माण कराया। इन दोनों कमरों पर लिंटर का निर्माण पूरा होे चुका है। अब पुराने कमरे को तोड़कर उसकी जगह नया कमरा बनाया जा रहा है। दीवारें और पिलर खड़े हो चुके हैं, लिंटर के लिए सेटरिंग लग चुकी है। इस कमरे की नींव और फर्श दो अन्य कमरों से ऊंचे हैं। ऐसे में इसका लिंटर का लेवल भी करीब एक फुट ऊंचा हो गया है। इस पर खड़े हुए विवाद की वजह से बीते एक माह से निर्माण रुका हुआ है। वहीं कोरोना संक्रमण कम होने के बाद अब स्कूलों में बच्चों का आना शुरू हो गया है, लेकिन कमरों का निर्माण पूरा न होने की वजह से बच्चे गैलरी में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।
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शिक्षिका भी नहीं आतीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्कूल में तैनात रहीं स्थायी शिक्षिका का ट्रांसफर हो चुका है। अब यहां एक शिक्षामित्र तैनात है। उनका आरोप है कि शिक्षामित्र भी अक्सर अनुपस्थित रहती है और स्कूल में मिड-डे मील बनाने के लिए तैनात की गई महिला बच्चों को पढ़ाती है। मंगलवार को भी शिक्षामित्र अनुपस्थित थीं।
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बयान
एक राजनीतिक दल के कथित कार्यकर्ता ने मेयर और नगरायुक्त को गलत रिपोर्ट देकर गुमराह करने का प्रयास किया है। वह व्यक्ति बनकर तैयार हो चुके दो कमरों के लेवल पर ही तीसरे कमरे का लिंटर डालने का दबाव बना रहा है। ऐसा संभव नहीं है। अधिकारियों ने निर्माण रुकवा दिया है। बच्चे परेशान हो रहे हैं। फिलहाल उनकी पढ़ाई के लिए एक भी कमरा नहीं है। - जाकिर सैफी, क्षेत्रीय पार्षद
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कुछ लोगों ने आपत्ति लगाई थी। इसकी वजह से निर्माण रुका था। आपत्ति के बाद निरीक्षण कर लिया गया है। निर्माणाधीन कमरे की प्लिंथ (चबूतरा) ऊंचा है, इसकी वजह से लिंटर भी ऊंचाई पर रहेगा। तकनीकी मानकों के आधार पर कमरे का निर्माण कराया जाएगा। एक-दो दिन में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। - एनके चौधरी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
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