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बेटी बचाओ के नारे खूब लगे लेकिन नहीं मिला बजट

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बेची बचाओ बेटी पढ़ाओ के खूब लगे नारे, बजट मिला नहीं
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गाजियाबाद। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों की महत्वाकांक्षी योजना ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ बजट नहीं मिलने से हवा हवाई हो गई। इस योजना के लिए सरकार की तरफ से जो बजट निश्चित किया गया है उसके इंतजार में पूरा साल बीत गया है। केंद्र सरकार की तरफ से हर वर्ष 50 लाख का बजट जारी होता है, वित्तीय वर्ष समाप्त होने में बस सवा महीने ही बचे हैं लेकिन अभी तक एक भी किस्त नहीं मिली है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत प्रचार-प्रसार, कार्यशाला, मेधावी बेटियों का सम्मान, शैक्षिक और आर्थिक मदद की जाती है। प्री कंसेप्शन एंड प्री नटल डायगनोस्टिक टेकिभनक (पीसीपीएनडीटी) के तहत बालिकाओं के लिए विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन होना था।
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बजट नहीं मिलने से इस वर्ष जागरूकता पेंटिंग, बेटियों के नाम पर नेम प्लेट और आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला के अलावा कोई भी कार्यक्रम नहीं हो पाए हैं।
इनसेट:
दान पर चला इस वर्ष का कार्यक्रम
इस वर्ष सामाजिक संगठनों के सहयोग और कंपनी के सीएसआर फंड और अन्य मदों से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग में पीसीपीएनडीटी के तहत जागरूकता के लिए मिले फंड से अस्पतालों में और विकास भवन में दीवारों पर पेटिंग कराई गई है। इसके अलावा सीएसआर फंड से नेम प्लेट लगाने और स्कूलों में महिला कानून की जानकारी देने के लिए बच्चों के गेम एक सामाजिक संगठन के सहयोग से तैयार कराए गए हैं।
इनसेट:
पिछले वर्ष इस योजना के तहत जून में विभाग को बजट मिल गया था। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत काफी कार्यक्रम आयोजित किए गए थे जिसमें अस्पतालों में गोद भराई से लेकर बेटियों के सम्मान, स्कूलों में कार्यशाला, जीरो ड्रॉप आउट होने वाले स्कूलों को प्रोत्साहित करना आदि किया गया था।
इनसेट:
बेटियों का नहीं हुआ सम्मान
इस बार बेटी बचाओ का बजट मिल जाता तो टॉपर्स का सम्मान समारोह आयोजित हो जाता। इस वर्ष यह कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ जबकि पिछले वर्ष 10वीं और 12वीं के टॉपर्स को सम्मानित किया गया था और उनको कुछ प्रोत्साहन राशि भी दी गई थी। इसके अलावा प्रचार- प्रसार के कई कार्य बजट के अभाव में नहीं हो पाए हैं।
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बजट के लिए केंद्र सरकार को डिमांड भेजी गई थी। दिसंबर तक बजट मिलने का आश्वासन मिला था लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला है। हर वर्ष दो किस्त में 25-25 लाख का बजट आ जाता है उम्मीद है कि जल्द ही बजट मिल जाएगा।
विकास चंद्र, डीपीओ
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