निजी हाथों में गया सीवर नेटवर्क तो जाम हो गया
गाजियाबाद। शहर का सीवर नेटवर्क और एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) जब से निजी कंपनी वीए टेक वाबाग के हाथों में गई है, तब से सीवर जाम हो गया है। कॉलोनियों में स्थानीय निवासी ही नहीं पार्षद भी इस समस्या से परेशान हैं। नंदग्राम में घरों के बाहर सीवर का गंदा पानी जमा हो जाने से लोगों का बाहर निकलना दूभर हो गया है तो वहीं दीनागढ़ी के लोगों ने सीवर की समस्या के विरोध में प्रदर्शन किया। नगर निगम ने प्राइवेट कंपनी पर 45 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई है।
करीब दो साल पहले शासन ने गाजियाबाद, लोनी, मेरठ, पिलखुवा समेत आठ शहरों का सीवर नेटवर्क और एसटीपी चेन्नई की कंपनी वीए टेक वाबाग को ठेके पर दिया था। सीवर मेंटेनेंस और एसटीपी संचालन के लिए इस कंपनी को हर साल करीब 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। शुरूआत में कंपनी ने सीवर मेंटेनेंस किया, लेकिन अब न तो सीवर लाइनों की सफाई की जा रही है और न ही मैनहोल की मरम्मत की जा रही है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति नंदग्राम, कैला भट्ठा, दीनागढ़ी, प्राणगढ़ी, सुदामापुरी, संजय नगर क्षेत्र की है। यहां सीवर लाइन जाम हो जाने से सड़कों पर पानी बह रहा है। पार्षदों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी स्थानीय लोग तो दूर पार्षदों के शिकायत करने पर भी समस्याओं को दूर नहीं करा पा रहे हैं।
दीनागढ़ी के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी
वार्ड-8 के दीनागढ़ी क्षेत्र में सीवर जाम हो जाने से गंदा पानी सड़कों पर भरा हुआ है। मंगलवार को स्थानीय महिलाओं ने नगर निगम अधिकारियों और क्षेत्रीय पार्षद राजेंद्र तितोरिया के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि गंदगी और बदबू की वजह से घरों में भी रहना दूभर हो रहा है। दो दिन में समस्या का समाधान न हुआ तो नगर निगम मुख्यालय पर धरना देंगे।
निगम ने कंपनी पर लगाई 45 लाख रुपये की पेनाल्टी
सीवर मेंटेनेंस करने वाली कंपनी वीए टेक वाबाग को भुगतान शासन स्तर से किया जाता है, लेकिन बिलों की संस्तुति नगर निगम और जल निगम की ओर से की जाती है। समस्याओं के बढ़ने और मेंटेनेंस का काम संतोषजनक न मिलने पर नगर निगम के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी की ओर से कंपनी पर 45 लाख की पेनाल्टी लगाकर रिपोर्ट जल निगम को भेज दी गई है। जल निगम ने यह रिपोर्ट शासन को भेजी है। अब कंपनी को मिलने वाले भुगतान में से इस रकम की कटौती की जाएगी।
परिचर्चा
एक साल से बनी है समस्या
नंदग्राम निवासी रजनी त्यागी का कहना है कि करीब एक साल से सीवर जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। कई बार शिकायत करने पर भी सीवर लाइनों की सफाई नहीं कराई जा रही है।
घर से निकलना हुआ दूभर
नंदग्राम निवासी नीलम का कहना है कि सीवर का गंदा पानी घर के बाहर सड़क पर भरा होने की वजह से घर से निकलना भी दूभर हो रहा है। लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन सीवर लाइनों की सफाई नहीं कराई जा रही है।
नहीं आते है मेहमान
स्थानीय निवासी दमयंती का कहना है कि सीवर ऊफन रहे हैं। घरों के अंदर भी बदबू की वजह से रहना दूभर हो रहा है। मेहमानों ने आना छोड़ दिया है, लेकिन निगम अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
बोले पार्षद
प्राइवेट कंपनी के अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। निगम अधिकारियों को फोन करते हैं तो वह भी अपनी मजबूरी बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। सरकार ने प्राइवेट कंपनी को ठेका देकर जनता को परेशानी से जूझने के लिए मजबूर कर दिया है। - माया देवी, निगम पार्षद
क्षेत्र में सीवर जाम की समस्या वास्तव में गंभीर हो गई है। न तो प्राइवेट कंपनी के पदाधिकारी और न ही नगर निगम के अधिकारी सुनवाई कर रहे हैं। जनता के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। - राजेंद्र तितोरिया, निगम पार्षद
कोट
सीवर मेंटेनेंस करने वाली कंपनी को 15 दिन में सुधार करने और आने वाली शिकायतों का उसी दिन निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। सुधार नहीं किया तो रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजकर कार्रवाई की संस्तुति करेंगे। - योगेंद्र यादव, अधिशासी अभियंता, नगर निगम